पटना। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब देश के अंदर भी दिखने लगा है। राजधानी पटना में एलपीजी गैस की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो गई है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि जो गैस सिलेंडर पहले 2-3 दिनों में मिल जाता था, अब उसके लिए उपभोक्ताओं को 10 दिनों से अधिक इंतजार करना पड़ रहा है। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं।
बैकलॉग में भारी बढ़ोतरी
आंकड़ों के अनुसार, पटना में गैस सिलेंडरों का बैकलॉग तेजी से बढ़ा है।
- 1 अप्रैल: 1.42 लाख
- 6 अप्रैल: 1.63 लाख
सिर्फ छह दिनों में बैकलॉग 21 हजार से अधिक बढ़ गया है। सोमवार को 30 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं ने बुकिंग कराई, लेकिन सप्लाई बेहद सीमित रही।
सप्लाई चेन पूरी तरह प्रभावित
तेल कंपनियों की ओर से सप्लाई में भारी कमी देखी गई है।
- इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम से एक भी सिलेंडर नहीं मिला
- भारत पेट्रोलियम से केवल 6,736 सिलेंडर की आपूर्ति हुई
वहीं आरा के गिद्धा बॉटलिंग प्लांट में साप्ताहिक अवकाश के कारण सप्लाई और प्रभावित हो गई।
सरकार सख्त, CMG की आपात बैठक
संकट को देखते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) की आपात बैठक बुलाई। उन्होंने तेल कंपनियों और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आम लोगों की परेशानी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और बैकलॉग जल्द खत्म किया जाए।
PNG पाइपलाइन पर नाराजगी
मुख्य सचिव ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पाइपलाइन कार्यों की धीमी गति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि तय लक्ष्य पूरे नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
सरकार अब भविष्य में ऐसे संकट से बचने के लिए PNG कनेक्शन के विस्तार पर जोर दे रही है। इसके लिए ITI छात्रों और प्लंबरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कालाबाजारी पर कार्रवाई तेज
प्रशासन ने घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर सख्ती बढ़ा दी है।
- पटना के 16 स्थानों पर छापेमारी
- 6 गैस एजेंसियां जांच के दायरे में
- 2 होटलों पर FIR दर्ज
- कुल 22 FIR और 121 सिलेंडर जब्त
पटना में एलपीजी संकट ने आम लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है। सरकार और प्रशासन हालात को सामान्य करने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन जब तक सप्लाई चेन पूरी तरह बहाल नहीं होती, तब तक राहत मिलना मुश्किल दिख रहा है।















