चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के दूसरे चरण के पूरा होने के बाद देश के नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों की मतदाता सूची में बड़ी कमी दर्ज की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस प्रक्रिया के बाद कुल मतदाताओं की संख्या में लगभग 6.08 करोड़ की गिरावट आई है।
दूसरे चरण में Uttar Pradesh, West Bengal, Tamil Nadu, Rajasthan, Chhattisgarh, Kerala, Gujarat, Madhya Pradesh और Goa के साथ Puducherry, Andaman and Nicobar Islands और Lakshadweep शामिल रहे।
Election Commission of India के अनुसार, 27 अक्टूबर को अभियान शुरू होने के समय इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 51 करोड़ थी, जो संशोधन प्रक्रिया के बाद घटकर 44.92 करोड़ रह गई।
नाम हटाए जाने के पीछे प्रमुख कारणों में दोहरी प्रविष्टियां, मतदाताओं का निधन, स्थान परिवर्तन और अन्य तकनीकी त्रुटियां शामिल हैं।
इससे पहले यह प्रक्रिया Bihar में पूरी हो चुकी थी। अब दूसरे चरण में शामिल 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का कार्य भी समाप्त हो गया है। शेष करीब 40 करोड़ मतदाताओं को 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में अगले चरण में कवर किया जाएगा।
वहीं, Assam में SIR की जगह 10 फरवरी को विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी की गई थी।
SIR अभियान को लेकर कई राज्यों में विवाद भी सामने आए हैं। Tamil Nadu और West Bengal में राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए Supreme Court of India का दरवाजा खटखटाया है।
आंकड़ों के मुताबिक, इस विशेष पुनरीक्षण अभियान में सबसे अधिक नाम भाजपा शासित राज्यों में हटाए गए हैं।
- गुजरात: 13.39%
- उत्तर प्रदेश: 13.23%
- छत्तीसगढ़: 11.77%
- पश्चिम बंगाल: 11.63%
- तमिलनाडु: 11.55%
सबसे ज्यादा गिरावट Andaman and Nicobar Islands में दर्ज की गई, जहां 16.86% मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।
















