बेगूसराय में जिला अध्यक्ष पद के लिए आयोजित संगठनात्मक चुनाव के दौरान भारी हंगामा हो गया। आरोप है कि मंच पर बोलने को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट और जानलेवा हमले तक पहुंच गया। घटना के बाद दर्जनों कार्यकर्ता आक्रोशित दिखे और प्रदेश नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग की गई।
क्या था मामला?
जानकारी के अनुसार, Janata Dal (United) के जिला अध्यक्ष पद के लिए कुल 19 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। बैठक के दौरान पहले सभी उम्मीदवारों को बुलाकर आपसी सहमति बनाने की कोशिश की गई।
कई उम्मीदवारों ने प्रदेश नेतृत्व पर फैसला छोड़ने की बात कही और कहा कि जो निर्णय प्रदेश से आएगा, वह सभी को स्वीकार होगा।
लेकिन कार्यकारी अध्यक्ष एवं उम्मीदवार भूमिपाल राय ने मतदान कराने की बात रखी, जिसका कुछ उम्मीदवारों ने विरोध किया। उनका कहना था कि मतदान से संगठन में टूट हो सकती है।
मंच विवाद से बढ़ा तनाव
बैठक के दौरान आरोप है कि जब कार्यकारी अध्यक्ष मंच से संबोधित कर रहे थे, तब अन्य उम्मीदवारों ने कहा कि सभी प्रत्याशी नीचे खड़े हैं, इसलिए उन्हें भी मंच से उतरकर बोलना चाहिए।
इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई और मारपीट की स्थिति बन गई।
कुछ नेताओं ने दावा किया कि बीच-बचाव करने गए कार्यकर्ता भी घायल हुए। एक कार्यकर्ता का हाथ कटने तक की बात सामने आई है।
नंदलाल राय के समर्थन में आवाज
कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष पद के दावेदार नंदलाल राय के समर्थन में आवाज उठाई। उनका कहना है कि संगठन को मजबूत करने के लिए नए और सक्रिय चेहरे को मौका दिया जाना चाहिए।
कुछ वक्ताओं ने कहा कि यदि संगठन में इस तरह की घटनाएं होंगी तो पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचेगा।
प्रदेश नेतृत्व से जांच की मांग
प्रदेश मीडिया सेल महासचिव अर्चना कुमारी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पार्टी न्याय और विकास के सिद्धांत पर चलती है, ऐसे में संगठन के भीतर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
सभी ने प्रदेश नेतृत्व और मुख्यमंत्री Nitish Kumar से हस्तक्षेप की अपील की है।
आगे क्या?
फिलहाल मामला प्रदेश नेतृत्व के पास पहुंच गया है। अब देखना होगा कि जिला अध्यक्ष पद को लेकर अंतिम फैसला क्या होता है और विवाद पर क्या कार्रवाई की जाती है।
बेगूसराय का यह संगठनात्मक चुनाव अब पार्टी के भीतर अनुशासन और एकजुटता की बड़ी परीक्षा बन गया है।
अजय शास्त्री की रिपोर्ट















