देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार 16 मार्च 2026 को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। वहीं आज नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि है, जिसके बाद चुनावी तस्वीर लगभग साफ हो जाएगी।
इस चुनाव में बिहार की 5 सीटों समेत ओडिशा, हरियाणा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों की सीटों पर खास राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। इन सीटों को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है।
बिहार के लिए भाजपा ने बनाए दो पर्यवेक्षक
राज्यसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार के लिए दो केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। मिली जानकारी के अनुसार पार्टी ने छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को बिहार का पर्यवेक्षक बनाया है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक दोनों नेता राज्यसभा चुनाव की पूरी प्रक्रिया के दौरान बिहार में रहकर पार्टी की रणनीति, समन्वय और विधायकों के साथ संवाद पर नजर रखेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य पार्टी की चुनावी तैयारी को मजबूत करना और विधायकों के बीच तालमेल बनाए रखना है।
अन्य राज्यों के लिए भी पर्यवेक्षक नियुक्त
भाजपा ने अन्य राज्यों के लिए भी अपने पर्यवेक्षकों की तैनाती की है।
- हरियाणा के लिए गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी को पर्यवेक्षक बनाया गया है।
- ओडिशा के लिए महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को जिम्मेदारी दी गई है।
इन सभी पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने की है।
बिहार में चुनाव बना ऐतिहासिक
बिहार की राजनीति के लिहाज से यह राज्यसभा चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है। लगभग दो दशक तक मुख्यमंत्री रहने के बाद नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है। इसे राज्य की सक्रिय राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति की ओर उनके बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
उनके साथ ही भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी बिहार से राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। बिहार से खाली हो रही 5 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
ओडिशा और हरियाणा में मुकाबला रोचक
ओडिशा में 4 सीटों के लिए 5 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है। भाजपा ने यहां मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को उम्मीदवार बनाया है।
वहीं हरियाणा में 2 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है।
राज्यसभा के समीकरण बदल सकते हैं
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन चुनावों के नतीजे राज्यसभा में सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी गठबंधन के बीच शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए सभी दल अपने-अपने विधायकों को साधने और रणनीति मजबूत करने में जुटे हुए हैं।

















