पटना : बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव प्रचार अपने चरम पर है और पहले चरण के मतदान में अब मात्र पांच दिन शेष हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ प्रचार अभियान को तेज कर दिया है। इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की जनता को संबोधित करते हुए एक भावनात्मक संदेश जारी किया है।
सीएम नीतीश ने अपने संदेश में राज्य के विकास कार्यों को गिनाते हुए कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद दयनीय थी — सड़के टूटी थीं, बिजली की भारी कमी थी, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई थी, उद्योग-धंधे ठप थे और अपराध व भ्रष्टाचार अपने चरम पर थे।
उन्होंने कहा, “आपने एनडीए को अवसर दिया और हमने समाज के हर वर्ग का ध्यान रखते हुए विकास की नई गाथा लिखी। कभी अपराध और अराजकता के लिए कुख्यात बिहार आज मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुशासन का प्रतीक बन चुका है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2005 में बिहार का जीएसडीपी ₹79,000 करोड़ था, जो आज बढ़कर ₹11 लाख करोड़ हो गया है। महिला सशक्तिकरण में भी बिहार ने देश में मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना और मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना जैसी योजनाओं ने युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है।
उन्होंने आगे कहा, “आज गांव-गांव तक पक्की सड़कें और बिजली पहुंच चुकी है। हमने सुशासन के साथ बिहार की कला, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण किया है। यही कारण है कि आज बिहार में देशी पर्यटकों की संख्या 6 करोड़ और विदेशी पर्यटकों की संख्या 7 लाख से अधिक हो गई है।”
नीतीश कुमार ने अंत में कहा, “हमारा संकल्प है कि अगले पांच वर्षों में बिहार को एक विकसित राज्य बनाएं और औद्योगिक क्रांति का स्वर्णिम युग स्थापित करें। हर नागरिक के जीवन को सुगम बनाएंगे, उद्योगों को प्रगति का मार्ग देंगे और युवाओं को शिक्षा व रोजगार से सशक्त करेंगे।”

















