पटना। बिहार की सियासत से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल से दो दिवसीय बिहार दौरे पर आ सकते हैं। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री पटना पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगे और 15 अप्रैल को नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं। इसके बाद वे दिल्ली लौट जाएंगे।
प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पटना शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। खासकर एयरपोर्ट जाने वाले रास्तों पर बैरिकेटिंग का काम तेजी से चल रहा है। जगह-जगह बांस-बल्ले लगाए जा रहे हैं और कारीगरों को निर्देश दिया गया है कि तय समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री के मूवमेंट को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष योजना बनाई जा रही है, ताकि किसी तरह की असुविधा न हो।
इधर, 14 अप्रैल को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की अंतिम बैठक प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे मौजूदा सरकार का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।
इसके तुरंत बाद एनडीए विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उनकी मौजूदगी में नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी।
सूत्रों की मानें तो 15 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है और उसी दिन शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होने की भी संभावना है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि इस बार मुख्यमंत्री पद भारतीय जनता पार्टी के खाते में जा सकता है।
फिलहाल, बिहार में सियासी हलचल अपने चरम पर है और अब सबकी नजरें 14 और 15 अप्रैल पर टिकी हैं, जब राज्य को नई सरकार और नया नेतृत्व मिलने जा रहा है।
पटना से राहुल कुमार की रिपोर्ट















