भड़कता बिहार डेस्क | बेगूसराय

जिनेदपुर पंचायत भवन में खुला निशुल्क विधिक सेवा केंद्र.
बेगूसराय के जिनेदपुर पंचायत भवन में शनिवार को निशुल्क विधिक सेवा केंद्र (लीगल एड क्लीनिक) का उद्घाटन पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने किया। इस केंद्र के शुरू होने से पंचायत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपनी शिकायतों और कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार जिला मुख्यालय और अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।
उद्घाटन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने कहा कि यह लीगल एड क्लीनिक ग्रामीणों के लिए एक एक्सटेंडेड फोरम के रूप में काम करेगा। ग्रामीण यहां अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और शिकायत से संबंधित जरूरी दस्तावेज भी जमा कर सकेंगे। इसके बाद शिकायत का प्रारंभिक स्तर पर ही आकलन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शिकायत में तथ्य पाए जाने के बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए बढ़ाया जाएगा। संबंधित मामले का विधिवत तरीके से निस्तारण कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। न्यायमूर्ति ने कहा कि इस केंद्र का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य यह है कि किसी भी ग्रामीण के लिए यह पहला ऐसा मंच बने, जहां वह बिना किसी परेशानी के अपनी समस्या रख सके और उसे यह भरोसा हो कि उसकी शिकायत के समाधान की दिशा में कार्रवाई होगी।

सरकारी योजनाओं की भी मिलेगी जानकारी
न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की पूरी जानकारी नहीं होती है। ऐसे में लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से केवल कानूनी सहायता ही नहीं, बल्कि जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
इसके तहत पंचायत स्तर पर लोगों के बीच जाकर उन्हें सरकार की योजनाओं, उनके अधिकारों और योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। उद्देश्य यह है कि जो लोग किसी सरकारी योजना के वास्तविक लाभार्थी हैं, उन्हें उसका लाभ मिल सके और जानकारी के अभाव में कोई व्यक्ति योजना से वंचित न रह जाए।
उन्होंने कहा कि व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले प्रत्येक पात्र व्यक्ति को उसका अधिकार मिले। साथ ही लोगों के मन में यह विश्वास भी बना रहे कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर उसकी शिकायत का उचित मंच उपलब्ध है।
शिकायतों के समाधान का बनेगा माध्यम
लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से ग्रामीण अपनी समस्याओं को दर्ज कराने के साथ आवश्यक कागजात भी जमा कर सकेंगे। शिकायतों का परीक्षण किए जाने के बाद यदि उसमें तथ्य पाए जाते हैं तो नियमानुसार आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने स्पष्ट किया कि इस पहल का मकसद ग्रामीणों को उनके अधिकारों और कानूनी सहायता तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है। पंचायत स्तर पर इस तरह का केंद्र खुलने से खासकर आर्थिक रूप से कमजोर और कानूनी जानकारी के अभाव में परेशान लोगों को सहायता मिलने की उम्मीद है।
जिनेदपुर पंचायत भवन में शुरू किए गए इस निशुल्क विधिक सेवा केंद्र को ग्रामीणों के लिए कानूनी सहायता, शिकायत निवारण और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता का स्थानीय माध्यम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।





