बिहार की सियासत और विकास को लेकर चल रही बहस के बीच रेल मंत्रालय ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसे सीधे आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जोड़कर देखा जा रहा है। रेलवे ने अमृत भारत एक्सप्रेस को कटिहार–बरौनी–हाजीपुर–छपरा–गोरखपुर रूट से रेगुलर चलाने का एलान कर दिया है। यह फैसला केवल एक ट्रेन के संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे सुविधा, कनेक्टिविटी और आस्था से जुड़ा एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा बेगूसराय और आसपास के जिलों को होने जा रहा है। खासकर बेगूसराय के लोगों के लिए अब अयोध्या का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज़ हो जाएगा। अमृत भारत एक्सप्रेस महज 12 घंटे में बरौनी से अयोध्या पहुंच जाएगी। सियासी नजरिए से देखें तो यह रेल की पटरियों पर विकास और आस्था को एक साथ जोड़ने की कोशिश मानी जा रही है।
रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक, डिब्रूगढ़–गोमतीनगर–डिब्रूगढ़ अमृत भारत एक्सप्रेस को 30 जनवरी से रेगुलर सेवा में शामिल किया जा रहा है। यह ट्रेन हर शुक्रवार को डिब्रूगढ़ से खुलेगी और बिहार के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों से गुजरते हुए गोमतीनगर पहुंचेगी। वहीं, गोमतीनगर से इसकी नियमित वापसी यात्रा 1 फरवरी से शुरू होगी।
मॉडर्न सुविधाओं से लैस इस ट्रेन में कुल 22 कोच लगाए जाएंगे, जिन्हें खास तौर पर आम यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। बेहतर सीटिंग, साफ-सफाई और आधुनिक सुविधाओं के साथ यह ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को अधिक आरामदायक बनाने का दावा करती है। इसके शुरू होने से बिहार के श्रद्धालुओं के लिए रामलला के दर्शन हेतु अयोध्या यात्रा और भी सहज हो जाएगी।
अगर ट्रेन के समय और रूट की बात करें तो अमृत भारत एक्सप्रेस डिब्रूगढ़ से रात 9 बजे खुलेगी। अगले दिन यह ट्रेन कटिहार शाम 7.20 बजे, नवगछिया 8.15 बजे, खगड़िया 9.19 बजे, बेगूसराय 9.51 बजे और बरौनी 10.35 बजे पहुंचेगी। इसके बाद तीसरे दिन हाजीपुर 12.23 बजे, सोनपुर 12.33 बजे, छपरा 2.50 बजे, गोरखपुर 6.50 बजे और अयोध्या सुबह 10 बजे पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन गोमतीनगर लगभग 1.30 बजे दिन में पहुंचेगी।
इधर, रेलवे ने पूर्वांचल और बंगाल को जोड़ने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। 23 जनवरी से बनारस–सियालदह अमृत भारत एक्सप्रेस की रेगुलर सेवा शुरू होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जनवरी को इस ट्रेन का उद्घाटन किया था। यह ट्रेन डीडीयू, पटना, जसीडीह और आसनसोल के रास्ते चलेगी, जिससे पटना और बनारस से कोलकाता जाने वाले यात्रियों को बड़ी सहूलियत मिलेगी।
कुल मिलाकर, अमृत भारत एक्सप्रेस का रेगुलर संचालन रेल की सियासत में एक मजबूत और रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जिसमें विकास, सुविधा और आस्था—तीनों का संगम साफ तौर पर नजर आता है। आने वाले दिनों में यह ट्रेन बिहार और पूर्वांचल के लाखों लोगों के लिए सफर की नई रफ्तार बन सकती है।

















