निगरानी विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग के सहायक अभियंता रौशन कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई विशेष निगरानी इकाई (SVU) की टीम ने बेतिया स्थित जिला शिक्षा कार्यालय में की।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक 57 लाख रुपये के रिपेयरिंग टेंडर के भुगतान के एवज में आरोपी अधिकारी 10 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहा था। पुलिस उपाधीक्षक सुधीर कुमार ने बताया कि आरोपी एक संवेदक से बिल पास कराने के बदले 5 लाख रुपये नकद रिश्वत ले रहा था।
संवेदक ने पहले ही विजिलेंस विभाग को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले का खुलासा किया था। पुख्ता सबूत मिलने के बाद निगरानी टीम ने जाल बिछाया और सोमवार शाम जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के समीप आरोपी को 5 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार कर लिया।
घर से 42.50 लाख कैश बरामद
स्पेशल विजिलेंस यूनिट की छापेमारी में आरोपी अधिकारी के घर से 42 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। चल और अचल संपत्ति की जांच जारी है।
कार्रवाई के दौरान कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। टीम ने मौके पर ही पूछताछ की और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पटना ले जाया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, 57 लाख रुपये के कार्य भुगतान के लिए करीब साढ़े पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। गौरतलब है कि पिछले वर्ष जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण को भी लाखों रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया था। एक साल के भीतर शिक्षा विभाग में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
जांच का दायरा बढ़ा
अब निगरानी विभाग पश्चिम चंपारण जिला शिक्षा कार्यालय के अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रहा है। प्रारंभिक जांच में लाखों रुपये के लेनदेन की आशंका जताई गई है। इस कार्रवाई के बाद महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और भ्रष्ट अधिकारियों में खौफ का माहौल है।

















