पटना/सूरत:
करीब 11 साल से फरार चल रहे कुख्यात अपराधी भोला सिंह को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गुजरात के सूरत से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को सोमवार (13 अप्रैल) को एक सुनियोजित ऑपरेशन के तहत उसके ठिकाने से दबोचा गया।
CBI के अनुसार, भोला सिंह वर्ष 2015 में जांच शुरू होने के बाद से ही फरार था और “अमित शर्मा” के नाम से फर्जी पहचान बनाकर सूरत में रह रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर एजेंसी ने उसके ठिकाने की पहचान कर छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
कोलकाता अपहरण केस से जुड़ा मामला
यह मामला कोलकाता के दो युवकों के अपहरण से जुड़ा है, जो 14 जुलाई 2014 को रहस्यमय तरीके से लापता हो गए थे। इस चर्चित मामले की जांच बाद में कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर CBI को सौंपी गई थी।
CBI के मुताबिक, भोला सिंह ने पश्चिम बंगाल में इस अपहरण की साजिश रची थी और घटना के बाद गुजरात भाग गया, जहां वह वर्षों तक छिपकर रह रहा था।
कई नामों से पहचान छिपाता रहा आरोपी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान
भोला सिंह उर्फ गौतम कुमार उर्फ अमित शर्मा के रूप में हुई है।
वह पिछले 11 वर्षों से फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपनी असली पहचान छिपाकर रह रहा था।
बिहार में भी कई गंभीर मामलों में वांछित
CBI के अनुसार, भोला सिंह केवल इस अपहरण केस में ही नहीं, बल्कि बिहार पुलिस के 11 अन्य मामलों में भी वांछित है। इन मामलों में शामिल हैं:
- अपहरण
- हत्या का प्रयास
- हत्या
- अवैध हथियार और विस्फोटक रखना
सूत्रों के मुताबिक, वह मूल रूप से बिहार के पटना जिले के पंडारक का रहने वाला है और उस पर पहले से इनाम भी घोषित था।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
भोला सिंह को वर्ष 2012 में पटना के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र के एक चर्चित हत्याकांड में वाराणसी से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि जेल से छूटने के बाद वह फिर फरार हो गया।
साल 2022 में पुलिस ने उसके पंडारक स्थित पैतृक घर की कुर्की-जब्ती भी की थी।
ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता ले जाने की तैयारी
गिरफ्तारी के बाद CBI ने आरोपी को सूरत की स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से ट्रांजिट रिमांड लिया गया है। अब उसे आगे की पूछताछ के लिए कोलकाता ले जाया जा रहा है।















