मुजफ्फरपुर।
बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी की सख्ती अब ज़मीन पर साफ दिखाई देने लगी है। यूपी मॉडल की तर्ज पर बिहार में भी बुलडोजर कार्रवाई तेज हो गई है। मुजफ्फरपुर जिले में एक बार फिर बुलडोजर गरजा, जिससे सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्जा करने वालों में हड़कंप मच गया। कांटी, कुढ़नी और औराई प्रखंडों में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन की टीम ने बुलडोजर चलाकर सरकारी ज़मीन पर बनी अवैध बस्तियों और संरचनाओं को जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों की धड़कनें थमी नजर आईं। प्रशासन की सख्ती के आगे किसी की एक न चली।

औराई अंचलाधिकारी गौतम कुमार ने बताया कि यह कोई अचानक की गई कार्रवाई नहीं है। अतिक्रमणकारियों को पहले कई बार नोटिस और चेतावनी दी गई थी। बावजूद इसके जब सरकारी ज़मीन खाली नहीं की गई, तो प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा। उन्होंने साफ कहा कि यह अभियान एक सतत प्रक्रिया है और आगे भी जारी रहेगा।
आज के ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग प्रखंडों में अवैध कब्जाधारियों की बेबसी साफ झलक रही थी। जिन लोगों ने सरकारी ज़मीन पर कब्जा कर पक्के निर्माण कर लिए थे, उनके सपनों पर बुलडोजर फिर गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी संपत्ति पर कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा। स्थानीय अधिकारियों ने इसे एक जरूरी और कानूनी कदम बताया, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्जा करने की हिम्मत न कर सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि गृह मंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में यह कार्रवाई बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल है। यूपी मॉडल की तरह बुलडोजर कार्रवाई यह संदेश दे रही है कि अब अतिक्रमण और अवैध कब्जे के लिए कोई जगह नहीं है।
मुजफ्फरपुर में चला यह बुलडोजर अभियान न सिर्फ अतिक्रमणकारियों के लिए चेतावनी है, बल्कि पूरे बिहार के लिए एक साफ संदेश भी—सरकारी ज़मीन पर कब्जा करने वालों को अब बुलडोजर की दहाड़ का सामना करना पड़ेगा।














