बिहार के Vaishali जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बोलेरो चोरी करने पहुंचे दो चोरों को ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने दोनों आरोपियों को पेड़ से बांधकर जमकर पिटाई कर दी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।
यह घटना वैशाली जिले के मतैया, भैया राम चौक की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, देर रात चार से पांच बदमाश बोलेरो गाड़ी चुराने के इरादे से पहुंचे थे। इसी दौरान वाहन मालिक को कुछ संदिग्ध आवाज सुनाई दी, जिसके बाद उसने शोर मचा दिया। शोर सुनते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए।
ग्रामीणों को आता देख चोर भागने लगे, लेकिन लोगों ने दौड़ाकर दो आरोपियों को पकड़ लिया। पकड़े गए दोनों युवक Muzaffarpur जिले के चैनपुर और वैशाली थाना क्षेत्र के भागवतपुर के निवासी बताए जा रहे हैं।
भीड़ का फूटा गुस्सा
चोरी की घटनाओं से पहले से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा इस बार फूट पड़ा। लोगों ने दोनों आरोपियों को एक पेड़ से बांध दिया और लाठी-डंडों से जमकर पिटाई कर दी। पिटाई के दौरान दोनों को गंभीर चोटें आई हैं।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों आरोपियों को भीड़ से छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित ग्रामीण उन्हें छोड़ने को तैयार नहीं थे। लोगों का कहना था कि इलाके में लगातार वाहन चोरी की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रही है।
ग्रामीणों की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पकड़े गए चोरों के साथ-साथ उनके पूरे गिरोह को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि इस इलाके में पहले भी कई दोपहिया और चारपहिया वाहन चोरी हो चुके हैं।
पुलिस ने दी समझाइश
काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने हालात को काबू में करने की कोशिश की और ग्रामीणों को समझाया कि कानून अपने हाथ में लेना सही नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ कर उनके गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद इलाके में भय और गुस्से का माहौल बना हुआ है। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से लोग परेशान हैं और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि बढ़ते अपराध के कारण आम लोग खुद ही कानून हाथ में लेने को मजबूर हो रहे हैं, जो भविष्य के लिए एक गंभीर संकेत है।


















