
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026 पेश करने से पहले रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। वह अपने वरिष्ठ अधिकारियों की टीम के साथ राष्ट्रपति से मिलने पहुंचीं। बजट से पूर्व यह मुलाकात एक परंपरागत प्रक्रिया मानी जाती है।

इस दौरान वित्त मंत्री एक बार फिर अपने ट्रेडमार्क ‘डिजिटल बही-खाता’ के साथ नजर आईं। लाल रंग के कपड़े में लिपटे टैबलेट पर सुनहरे रंग का राष्ट्रीय प्रतीक अंकित था, जो पिछले कुछ वर्षों में बजट प्रस्तुति की पहचान बन चुका है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बजट प्रस्तुति से पहले वित्त मंत्री को पारंपरिक रूप से ‘दही-चीनी’ खिलाकर शुभकामनाएं दीं। निर्मला सीतारमण लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं। इसके साथ ही वह पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के रिकॉर्ड की बराबरी करेंगी और प्रणब मुखर्जी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगी। स्वतंत्र भारत में सबसे अधिक केंद्रीय बजट पेश करने का रिकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम दर्ज है।
जानकारी के अनुसार, संसद की बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी। वित्त मंत्री वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का विवरण सदन में प्रस्तुत करेंगी। साथ ही वह राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम, 2003 की धारा 3(1) के तहत दो महत्वपूर्ण दस्तावेज भी सदन के पटल पर रखेंगी। इनमें
- मध्यम अवधि की राजकोषीय नीति-सह-रणनीति विवरण
- व्यापक आर्थिक ढांचा विवरण शामिल हैं।
कार्यसूची के अनुसार, वित्त मंत्री लोकसभा में वित्त विधेयक, 2026 पेश करने की अनुमति के लिए प्रस्ताव रखेंगी और इसके बाद विधेयक को औपचारिक रूप से पेश किया जाएगा। यह विधेयक सरकार के सभी वित्तीय प्रस्तावों को कानूनी स्वरूप देता है।
गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण संसद में पेश किया था। बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करने की परंपरा रही है, जिससे देश की आर्थिक स्थिति के आकलन के आधार पर भविष्य की नीतियों की दिशा तय की जा सके। आर्थिक सर्वेक्षण को देश की अर्थव्यवस्था का वार्षिक ‘रिपोर्ट कार्ड’ माना जाता है।


















