दरभंगा। Lalit Narayan Mithila University (LNMU) के अंगीभूत कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकेतर कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार, 10 अप्रैल से चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत करते हुए कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया।
कर्मचारी संघ के जिला महामंत्री Harshvardhan Kumar Singh ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन लंबे समय से कर्मचारियों की जायज मांगों को नजरअंदाज कर रहा है। बार-बार आश्वासन के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है।
उन्होंने साफ कहा कि जब तक 15 सूत्री मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। इन मांगों में प्रमोशन प्राप्त कर्मियों के भत्ते का भुगतान और अन्य वित्तीय लाभ प्रमुख हैं।
आंदोलन की रणनीति के तहत 15 अप्रैल तक सभी कॉलेजों में काली पट्टी बांधकर विरोध जारी रहेगा। इसके बाद 17 अप्रैल को विश्वविद्यालय मुख्यालय पर “पोल खोल हल्ला बोल” कार्यक्रम के तहत बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा, जो आंदोलन के दूसरे और अधिक उग्र चरण का संकेत होगा।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी प्रशासन नहीं चेता, तो 6 और 7 मई को कॉलेजों में पूर्ण ‘कलमबंद हड़ताल’ की जाएगी। वहीं, 20 मई को विश्वविद्यालय मुख्यालय पर विशाल आक्रोश प्रदर्शन के साथ अनिश्चितकालीन हड़ताल की तिथि घोषित की जाएगी।
कुमार सिंह कॉलेज के प्राचार्य Shambhu Kumar Yadav ने भी इस आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर विश्वविद्यालय को जल्द सकारात्मक कदम उठाना चाहिए, ताकि शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।
आंदोलन में शामिल Anupam Kumar Jha ने बताया कि प्रमोशन के बाद भत्ते का भुगतान उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है। इसके अलावा अन्य 15 मांगों को लेकर भी कर्मचारी एकजुट हैं।
फिलहाल काली पट्टी बांधकर काम जारी है, जिससे कामकाज पूरी तरह ठप नहीं हुआ है, लेकिन कर्मचारियों का विरोध साफ दिखाई दे रहा है। यदि यह आंदोलन ‘कलमबंद हड़ताल’ में बदलता है, तो परीक्षा फॉर्म, नामांकन और अन्य जरूरी कार्यों पर असर पड़ सकता है, जिससे छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।















