मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। बिहार पुलिस में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने वाले एसपी स्वर्ण प्रभात ने एक बार फिर कड़ी कार्रवाई की है। पताही थाना क्षेत्र के अपर थाना अध्यक्ष (दारोगा) पंकज कुमार को जमीनी विवाद में रिश्वत मांगने और वर्दी की धौंस दिखाने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उनके कथित ऑडियो क्लिप के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हुई, जिसमें वे एक पक्षकार से मोटी रकम की मांग करते और बच्चों को केस में फंसाने की धमकी देते सुनाई दे रहे हैं।
मामला पताही थाना क्षेत्र के एक जमीनी विवाद का है। आरोप है कि अपर थाना अध्यक्ष पंकज कुमार ने वादी को धमकाते हुए कहा कि अगर रकम नहीं दी गई तो उनके बच्चों को मामले में फंसा दिया जाएगा। इस पूरी बातचीत का ऑडियो किसी तरह रिकॉर्ड हो गया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। ऑडियो में वर्दी का खौफ दिखाकर सौदेबाजी की बातें साफ सुनाई दे रही हैं।ऑडियो वायरल होते ही एसपी स्वर्ण प्रभात ने बिना किसी देरी के संज्ञान लिया। उन्होंने पंकज कुमार को सुबह-सुबह निलंबित कर दिया और पकड़ीदयाल डीएसपी को मामले की गहन जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। इस कार्रवाई से पूरे जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। थानों में दबी जुबान में चर्चा है कि अब अगला नंबर किसका होगा?
एसपी स्वर्ण प्रभात पहले से ही भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता पर सख्त रवैया अपनाने के लिए जाने जाते हैं। उनके कार्यकाल में आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों को न सिर्फ निलंबित किया गया, बल्कि कई को विभागीय कार्रवाई और जेल भी भेजा गया है। यह ताजा एक्शन भी उसी सख्त तेवर का हिस्सा माना जा रहा है।पताही इलाके में इस घटना से लोगों में खासा आक्रोश है। चाय की दुकानों और चौपालों पर अपर थाना अध्यक्ष की करतूतों की चर्चा जोरों पर है। कुछ लोग उनके कथित राजनीतिक और departmental नजदीकियों पर भी सवाल उठा रहे हैं। जनता का कहना है कि एसपी की इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि अब वर्दी का दुरुपयोग करने वालों की खैर नहीं।सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है? क्या बर्दी में छिपे बाकी ‘सौदागरों’ तक भी पुलिस महकमे का डंडा पहुंचेगा? जनता की नजरें अब जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं


















