नालंदा।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से सोमवार से इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की शुरुआत हो गई। नालंदा जिले के 40 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुई, लेकिन पहले ही दिन कुछ केंद्रों पर उस समय हड़कंप मच गया जब देर से पहुंचीं कुछ छात्राएं बाउंड्री वॉल फांदकर परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश करती नजर आईं। अचानक हुई इस घटना से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि मौके पर तैनात सुरक्षा बलों और प्रशासन की सतर्कता से हालात पर जल्द ही काबू पा लिया गया।

इंटरमीडिएट की परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक चल रही है। परीक्षा शुरू होने से पहले ही सभी केंद्रों के बाहर कड़ी जांच-पड़ताल की जा रही थी। इसी दौरान कुछ परीक्षार्थी समय से देर से पहुंच गए और प्रवेश बंद होने की आशंका में उन्होंने बाउंड्री वॉल पार कर भीतर घुसने की कोशिश की।
जिले में परीक्षा संचालन के लिए बिहारशरीफ अनुमंडल में 31, हिलसा में पांच और राजगीर में चार परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 18 परीक्षा केंद्र छात्राओं के लिए तथा 22 परीक्षा केंद्र छात्रों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इस वर्ष नालंदा जिले में इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 44,352 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनमें 23,132 छात्र और 21,220 छात्राएं परीक्षा दे रही हैं।

परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसके तहत जिलेभर में 115 स्टैटिक दंडाधिकारी, 38 गश्ती दल दंडाधिकारी, 20 उड़नदस्ता (जोनल दंडाधिकारी) और आठ सुपर जोनल दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी के साथ सीसीटीवी कैमरों और नियंत्रण कक्ष के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही, अनुशासनहीनता या कदाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, अभिभावकों और परीक्षार्थियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें और प्रशासनिक व्यवस्था में सहयोग करें, ताकि परीक्षा पूरी तरह सुकून, सुरक्षा और अनुशासन के माहौल में संपन्न हो सके।

















