बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पटना जिले के सरकारी स्कूलों में नियोजित से विशिष्ट शिक्षक बने शिक्षकों को वेतन वृद्धि और वेतन संरक्षण का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने इस संबंध में नया वेतन निर्धारण आदेश जारी करते हुए इसे तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है।
डीईओ कार्यालय ने जिले के सभी प्रधानाध्यापकों और प्रधान शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वे संबंधित शिक्षकों की सेवा पुस्तिका (Service Book) और वेतन निर्धारण प्रपत्र को निर्धारित समय सीमा में जिला शिक्षा कार्यालय में जमा कराएं, ताकि शिक्षकों को बढ़े हुए वेतन का लाभ समय पर मिल सके। यह लाभ कक्षा 1 से 8 तक कार्यरत सभी विशिष्ट शिक्षकों पर लागू होगा।
प्रपत्रों को सही तरीके से भरने का निर्देश
जारी आदेश में कहा गया है कि वेतन निर्धारण प्रपत्र में सभी विवरण स्पष्ट और सही तरीके से भरे जाएं। प्रपत्र भरने के बाद प्रधानाध्यापक दस्तावेजों की जांच करेंगे और जांच के बाद उन्हें स्थापना शाखा को भेजा जाएगा।
गलत जानकारी पर विभागीय कार्रवाई
विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि किसी शिक्षक, प्रधानाध्यापक, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) या अवर निरीक्षक (ASI) द्वारा गलत जानकारी दी जाती है, त्रुटि की जाती है या दस्तावेज जमा करने में देरी होती है, तो उन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
प्रपत्रों की तीन प्रतियां होंगी तैयार
वेतन निर्धारण प्रपत्र की कुल तीन प्रतियां बनाई जाएंगी—
पहली प्रति सेवा पुस्तिका के साथ विद्यालय में रखी जाएगी।
दूसरी प्रति प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी/अवर निरीक्षक/प्रधानाध्यापक के कार्यालय में जमा होगी।
तीसरी प्रति स्थापना शाखा में रखी जाएगी, जिसके आधार पर एचआरएमएस में पे-एंटाइटलमेंट निर्धारित होगा।
इसके साथ ही आवास भत्ता (House Rent Allowance) भी विभागीय नियमों के अनुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा तय किया जाएगा।
शिक्षकों में खुशी
आदेश जारी होने के बाद पटना जिले के सरकारी स्कूलों में कार्यरत विशिष्ट शिक्षकों के बीच उत्साह देखा जा रहा है। वे लंबे समय से वेतन वृद्धि और संरक्षण का इंतजार कर रहे थे, जिसे अब अनुमोदन मिल गया है।


















