पटना:
बिहार की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर “सम्राट चौधरी नहीं होंगे बिहार के CM” लिखा पोस्टर लगा दिया गया। इस पोस्टर के सामने आते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच चर्चा तेज हो गई और माहौल गरमा गया।
बताया जा रहा है कि यह पोस्टर अचानक भाजपा दफ्तर के मुख्य गेट के पास लगाया गया था, जिसमें सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने की बात लिखी गई थी। पोस्टर सामने आते ही कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई और मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई।
स्थिति बिगड़ती देख भाजपा कार्यालय के कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों के भीतर पोस्टर को हटा दिया और फाड़ दिया। हालांकि तब तक यह मामला चर्चा का विषय बन चुका था और इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह पोस्टर पार्टी के अंदर चल रही खींचतान या गुटबाजी की ओर इशारा कर सकता है। हाल के दिनों में बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं, जिसमें सम्राट चौधरी का नाम भी प्रमुखता से सामने आ रहा है।
इस घटना के बाद भाजपा की अंदरूनी राजनीति को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। हालांकि पार्टी की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
फिलहाल, पोस्टर को हटाए जाने के बाद स्थिति सामान्य है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की सियासत में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
पटना से राहुल कुमार की रिपोर्ट
















