दिल्ली
बिहार के नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव शनिवार को दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने बिहार की नीतीश सरकार और केंद्र की एनडीए सरकार पर जमकर हमला बोला। दिल्ली पहुंचते ही मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने नीट छात्रा की मौत, पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी और बिहार की मौजूदा राजनीतिक-प्रशासनिक स्थिति को लेकर कई तीखे सवाल खड़े किए।

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में आज तानाशाही का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों को बचाने में लगी हुई है, जबकि आम जनता और निर्दोष लोग परेशान हैं। उनके मुताबिक, कानून का राज पूरी तरह कमजोर हो चुका है और सत्ता के संरक्षण में गलत काम किए जा रहे हैं।
बिहार सरकार और केंद्र की एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से बिहार में एनडीए की सरकार है, लेकिन इसके बावजूद राज्य का समुचित विकास नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि हर साल बड़े-बड़े बजट पेश किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत नहीं बदलती। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में बिहार आज भी देश के सबसे पिछड़े राज्यों में गिना जाता है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य में न तो उद्योग-धंधों का विकास हुआ और न ही रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा किए गए। इसका नतीजा यह है कि गरीबी और पलायन चरम पर है। उन्होंने साफ कहा कि इस बार के बजट से भी किसी बड़े सकारात्मक बदलाव की उन्हें कोई उम्मीद नहीं है।
राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि पार्टी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, जिसे वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन को और मजबूत किया जाएगा और जनता से जुड़े मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक पूरी ताकत से उठाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजद की राजनीति हमेशा जनता के हक और अधिकार की लड़ाई पर केंद्रित रही है।

गौरतलब है कि 7 फरवरी को पटना स्थित राजद कार्यालय में तेजस्वी यादव के स्वागत में एक समारोह आयोजित किया गया था। कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद वह पहली बार राजद दफ्तर पहुंचे थे, जहां पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।
नीट छात्रा की मौत के मामले को लेकर भी तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है, जबकि निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है। तेजस्वी ने कहा कि राजद शुरू से इस मुद्दे को उठा रही है और विधानसभा में भी पार्टी के विधायक लगातार सवाल कर रहे हैं।
सीबीआई जांच पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में पहले भी कई बड़े मामलों को सीबीआई को सौंपा गया, लेकिन उनका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। उन्होंने सृजन घोटाला, बालिका गृह कांड और नवरुणा मामला का उदाहरण देते हुए कहा कि ये सभी केस ठंडे बस्ते में चले गए। उनके मुताबिक, सरकार का काम अब अपराधियों को संरक्षण देना और मामलों को दबाना बन गया है।
तेजस्वी यादव के इन बयानों के बाद बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज होने के आसार हैं।














