राजधानी पटना में महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की ओर से गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक पर ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल हुईं और जोरदार प्रदर्शन किया।
हाथों में पोस्टर और बैनर लिए महिलाओं ने “नारी शक्ति की झूठी कहानी, कांग्रेस की आदत पुरानी”, “हम भारत की नारी हैं, राजद-कांग्रेस पर भारी हैं” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान “अपना हक लेकर रहेंगे” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
मंच पर पूर्व मंत्री श्रेयसी सिंह, लेसी सिंह और पटना मेयर सीता साहू मौजूद रहीं। कार्यक्रम में कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई गई।
“सिर्फ वादे नहीं, अब हक की बारी” — बीजेपी का संदेश
भाजपा की ओर से आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य संदेश साफ था—महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण अब सिर्फ वादा नहीं, बल्कि उनका अधिकार है। पार्टी का कहना है कि महिला सशक्तिकरण को लेकर अब निर्णायक लड़ाई का समय आ गया है।
सीएम सम्राट चौधरी का विपक्ष पर हमला
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कांग्रेस, टीएमसी और समाजवादी पार्टी पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर गंभीर आरोप लगाए और उनके रुख को नारी शक्ति का अपमान बताया।
1. ‘नारी शक्ति के साथ धोखा’
सीएम ने कहा कि विपक्षी दल महिला आरक्षण के मुद्दे पर ईमानदार नहीं हैं और उनका रवैया नारी शक्ति के साथ सीधा धोखा है।
2. राहुल गांधी पर निशाना
उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि “एक बहन सांसद बन सकती हैं, लेकिन दूसरी बहन लोकसभा पहुंचे यह कांग्रेस नहीं चाहती,” और इसे परिवारवाद की राजनीति बताया।
3. विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी
सीएम ने बताया कि वर्तमान में बिहार विधानसभा में केवल 29 महिला विधायक हैं, जबकि महिला आरक्षण लागू होने पर यह संख्या 122 तक पहुंच सकती है।
4. पंचायत मॉडल का उदाहरण
उन्होंने कहा कि बिहार में पंचायत स्तर पर 50% आरक्षण के बावजूद 59% महिलाएं जीतकर आ रही हैं, जो महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रमाण है।
5. विपक्ष से जवाब की मांग
सीएम ने विपक्षी दलों से सवाल करते हुए कहा कि जिन्होंने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया है, उन्हें जनता के सामने जवाब देना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कभी महिलाओं को आरक्षण देने की ठोस पहल नहीं की।
राजनीतिक तापमान बढ़ने के संकेत
मुख्यमंत्री के इस बयान और महिला सम्मेलन के बाद बिहार की राजनीति में महिला आरक्षण का मुद्दा और गर्माने के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो सकता है।
रिपोर्ट: पटना ब्यूरो















