सुपौल शहर में बढ़ती जाम की समस्या को देखते हुए शनिवार को अनुमंडल कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) इंद्रवीर कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरव गुप्ता ने संयुक्त रूप से की। बैठक में शहर में अतिक्रमण हटाने, यातायात व्यवस्था सुधारने और ई-रिक्शा संचालन पर नियंत्रण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
अतिक्रमण हटाने पर प्रशासन सख्त
एसडीओ ने बताया कि पूर्व में भी बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी, लेकिन हटाए गए क्षेत्रों पर पुनः अतिक्रमण की समस्या बढ़ी है। नगर परिषद के प्रतिनिधि ने भी स्वीकार किया कि अस्थायी दुकानदारों द्वारा दुकान के बाहर सामान फैलाने से सड़कें संकरी हो रही हैं, जिससे जाम की स्थिति बन रही है।
प्रशासन ने नगर परिषद को निर्देश दिया कि व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को चेतावनी दी जाए कि यदि कोई दुकानदार अपना सामान सड़क पर रखकर अतिक्रमण करता है तो उस पर अधिकतम जुर्माना लगाया जाएगा और सामान जप्त भी किया जा सकता है।
ई-रिक्शा संचालन पर निगरानी बढ़ेगी
यातायात पुलिस ने बताया कि शहर में अनियंत्रित और बिना नंबर के ई-रिक्शा जाम की बड़ी वजह हैं। कई नाबालिग चालक बिना लाइसेंस के भी वाहन चला रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि:
नाबालिग द्वारा ई-रिक्शा चलाने पर ₹25,000 तक जुर्माना
बिना नंबर वाले ई-रिक्शा पर सख्त कार्रवाई
लाइसेंस नहीं रहने पर ₹5,000 तक जुर्माना
सड़क पर ई-रिक्शा रोककर सवारियाँ चढ़ाने-उतारने पर दंडात्मक कार्रवाई
एसडीओ ने कहा कि आवश्यक होने पर ऐसे ई-रिक्शा और अन्य गाड़ियों को जप्त कर थाना में रखा जाएगा। बिना लाइसेंस और बिना इंश्योरेंस के वाहन चालकों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
ई-रिक्शा संचालक संघ को चेतावनी
बैठक में मौजूद ई-रिक्शा चालक प्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया कि वे सभी चालकों को नियमों की जानकारी दें। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि मंगलवार के बाद सख्त कार्रवाई शुरू होगी, जिसमें जुर्माना और वाहन जब्ती शामिल होगी।
अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में यातायात पुलिस उपाधीक्षक कमलेश्वर प्रसाद, यातायात थानाध्यक्ष उपेंद्र प्रसाद, नगर थानाध्यक्ष अनिरुद्ध प्रसाद, नगर परिषद के पदाधिकारी एवं कर्मी, तथा ई-रिक्शा संचालक संघ के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।














