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बिहार में अपराधियों पर शिकंजा: 110 कुख्यातों की संपत्ति BNSS धारा 107 के तहत कुर्क होगी

बिहार में अपराध और माफिया नेटवर्क पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है। गृहमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर प्रदेशभर में अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर पुलिस ने जिले के 110 कुख्यात अपराधियों और माफिया नेटवर्क से जुड़े लोगों की सूची तैयार कर ली है। इन सभी की अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों की पहचान और जब्ती की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है।

BNSS की धारा 107 के तहत कार्रवाई

मुजफ्फरपुर के पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई BNSS की धारा 107 के तहत की जा रही है। इस प्रावधान के तहत यह जांच की जाती है कि किसी व्यक्ति ने अपनी संपत्ति वैध आय से अर्जित की है या अपराध की आय से। यदि संपत्ति अवैध पाई जाती है तो अदालत से आदेश लेकर उसे स्थायी रूप से कुर्क कर दिया जाता है।

पहले चरण में 4 बड़े अपराधियों पर कार्रवाई

सूत्रों के मुताबिक, सूची में जिले के कई कुख्यात अपराधी शामिल हैं, जिनमें —

चुन्नू ठाकुर

रणजय ओंकार

छोटू राणा

पप्पू सहनी

इन चारों के खिलाफ पहले चरण में संपत्ति जब्ती का आवेदन अदालत में दाखिल कर दिया गया है। इनके संगठित अपराध और अवैध कमाई के नेटवर्क की भी जांच चल रही है।

परिवारजनों और नेटवर्क पर भी नज़र

पुलिस सिर्फ अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि उनके सहयोगियों, परिजनों और उन सभी लोगों की संपत्तियों का भी ब्योरा खंगाल रही है जो इनके अवैध कारोबार को समर्थन देते रहे हैं। माना जा रहा है कि कई अपराधियों ने अपनी अवैध कमाई को परिवार के नाम और रिश्तेदारों के माध्यम से जमीन, मकान और व्यावसायिक संस्थानों में निवेश कर रखा है।

कौन-कौन से अपराध सूची में शामिल?

इस अभियान में जिन अपराधों को प्रमुखता से चिन्हित किया गया है, उनमें शामिल हैं—

रंगदारी वसूली

भूमि कब्जा

शराब तस्करी

लूटपाट

अवैध कारोबार

गैंगबंदी और संगठित अपराध नेटवर्क

राज्यभर में 1172 अपराधियों की संपत्ति सूचीबद्ध

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, बिहार के सभी जिलों से अब तक 1172 अपराधियों की अवैध संपत्तियों की सूची तैयार हो चुकी है। इसके अलावा, 1249 थानों के अंतर्गत यह कार्रवाई तेज की गई है।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट पर विचार

राज्य सरकार संपत्ति जब्ती और अपराधियों के मुकदमों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्टों के गठन पर भी विचार कर रही है। इसका उद्देश्य है कि कार्रवाई में किसी भी प्रकार की देरी न हो और अपराधियों पर जल्द से जल्द प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

गृह मंत्री सक्रिय मोड में

गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया है कि नई सरकार अपराध और माफियाओं पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि किसी भी सूरत में अपराधियों को पनपने न दिया जाए और उनकी अवैध संपत्ति को जल्द कुर्क कर राज्य के राजस्व में जोड़ा जाए।

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