पटना। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर गुरुवार को पटना के पाटलिपुत्रा पार्क में आयोजित राजकीय जयंती समारोह के दौरान एक अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के देर से पहुंचने को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा होती रही।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तय समय से पहले सुबह करीब 10:15 बजे आयोजन स्थल पर पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद वहां मौजूद उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी सहित भाजपा और जदयू के कई वरिष्ठ नेताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। करीब पांच मिनट के भीतर मुख्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम लगभग संपन्न हो गया।
इसी दौरान करीब 10:20 बजे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आयोजन स्थल पर पहुंचे। तब तक मुख्य कार्यक्रम समापन की ओर था। सम्राट चौधरी के पहुंचने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वहां से रवाना हो गए। हालांकि सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री को उनकी गाड़ी तक जाकर विदा किया। इसके बाद वे कार्यक्रम स्थल पर मौजूद भाजपा नेताओं से बातचीत करते नजर आए।
बताया जा रहा है कि सम्राट चौधरी भाजपा नेताओं से यह कहते दिखे कि कार्यक्रम का समय 10:30 बजे निर्धारित था। ऐसे में यह सवाल चर्चा का विषय बन गया कि उपमुख्यमंत्री देर से पहुंचे या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समय से पहले कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
राजकीय जयंती समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के अलावा विधायक सह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, विधायक संजीव चौरसिया, विधायक रत्नेश कुशवाहा, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत मिश्रा, बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष नंद किशोर यादव, बिहार राज्य नागरिक परिषद के महासचिव अरविंद कुमार उर्फ छोटू सिंह, बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य शिवशंकर निषाद सहित कई गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सभी ने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। हालांकि कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री के देर से पहुंचने की घटना ने औपचारिक श्रद्धांजलि समारोह के साथ-साथ राजनीतिक चर्चा को भी जन्म दे दिया।
















