खगड़िया।
बिहार के खगड़िया जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। परबत्ता नगर पंचायत क्षेत्र स्थित कांग्रेस पार्टी के कार्यालय पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का झंडा फहराए जाने का वीडियो सामने आने के बाद सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
घटना सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते यह मामला जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे पार्टी की गरिमा, लोकतांत्रिक मर्यादाओं और राजनीतिक शिष्टाचार पर सीधा हमला बताया है।
कांग्रेस कार्यकारिणी प्रखंड अध्यक्ष प्रभाकर यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यालय लोकतंत्र, आजादी और संविधान की विचारधारा का प्रतीक है। उसके ऊपर किसी दूसरी पार्टी का झंडा लगाया जाना न केवल अपमानजनक है, बल्कि यह सुनियोजित राजनीतिक उकसावे की पराकाष्ठा है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
वहीं, युवा कांग्रेस नेता राजा गुप्ता ने भी इस घटना की तीखी निंदा करते हुए इसे सोची-समझी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि परबत्ता की राजनीति अब तक अपेक्षाकृत शांत रही है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर राजनीतिक दलों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस शांति और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है, लेकिन पार्टी की अस्मिता से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता कार्यालय के बाहर जुट गए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन से जवाबदेही की मांग को लेकर नारेबाजी भी की गई। कुछ समय के लिए इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, हालांकि वरिष्ठ नेताओं और स्थानीय लोगों की पहल से हालात पर जल्द ही काबू पा लिया गया।
दूसरी ओर, भाजपा ने कांग्रेस के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। भाजपा प्रखंड अध्यक्ष जयंत कुमार ने कहा कि इस घटना से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने भी निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आशंका जताई कि यह किसी तीसरे पक्ष की शरारत हो सकती है।
घटना के बाद परबत्ता नगर पंचायत क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। चाय दुकानों से लेकर चौक-चौराहों तक लोग इस विवाद को लेकर चर्चा कर रहे हैं। आम लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि कांग्रेस कार्यालय पर भाजपा का झंडा आखिर किसने और किस मकसद से लगाया?
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी और यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस सियासी विवाद के पीछे जिम्मेदार कौन है।

















