मोतीहारी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS) में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई है। मोतीहारी के पकड़ीदयाल, मधुबन और पताही अनुमंडल के गोदामों से गरीबों को मिलने वाला राशन लगातार कम हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, गोदाम वेंडरों और अधिकारियों की मिलीभगत के कारण 50 किलो 600 ग्राम के बोरों में केवल 43 से 48 किलो अनाज दिया जा रहा है, जिससे लाभार्थियों को सीधे नुकसान हो रहा है।
सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों और गोदाम प्रबंधन ने नियमों को ताक पर रखकर डीलरों को कम राशन देने की अनुमति दी है। शिकायत करने वाले डीलरों को जांच के नाम पर धमकाया जाता है। इस खेल में गोदाम वेंडर भी शामिल हैं, जो अनाज की वास्तविक मात्रा घटाकर वितरित करते हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मोतीहारी के डीएम सौरभ जोरवाल ने कड़ी कार्रवाई की। उन्होंने जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम को निर्देश दिया कि पकड़ीदयाल सहित सभी TPDS गोदामों का निरीक्षण किया जाए और कम राशन देने वाले डीलरों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
डीएम ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि पकड़ीदयाल अनुमंडल के गोदामों से विक्रेताओं को भेजा जाने वाला चावल निर्धारित वजन (50.5 किलो) के बजाय केवल 43 से 48 किलो ही मिल रहा है। इसके अलावा खाली बोरे का वजन (लगभग 600 ग्राम) भी घटाया नहीं जाता। इस कमी के कारण विक्रेताओं को अपने भंडार का सही प्रबंधन करने में कठिनाई होती है और अंततः गरीबों को ही इसका नुकसान उठाना पड़ता है।
डीएम ने निर्देश दिया कि दोषी पदाधिकारी, कर्मी या परिवहन अभिकर्ता के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाए और इसकी रिपोर्ट तत्काल उच्चाधिकारियों को भेजी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की लापरवाही और अनियमितता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कुल मिलाकर, मोतीहारी का यह मामला TPDS में भ्रष्टाचार और अनियमितता का गंभीर संकेत है। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है, ताकि गरीबों को उनका हक़ का राशन समय पर और पूरी मात्रा में मिल सके।















