भागलपुर की सरज़मीं रविवार की रात सियासी जोश और जज़्बात की गवाह बनी, जब बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा शहर पहुंचे। चिन्मया होटल में 55 सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों की ओर से आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण था कि सत्ता और जनता के बीच भरोसे की डोर अब भी मज़बूती से कायम है।
अपार स्नेह और अपनत्व से अभिभूत उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने इस सम्मान को अपना व्यक्तिगत अभिनंदन नहीं, बल्कि एनडीए की प्रचंड जीत पर जनता की मुहर बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान जनता के आशीर्वाद और विश्वास की तस्दीक है। मंच से उन्होंने आयोजकों और भागलपुर वासियों का तहेदिल से आभार व्यक्त किया।
राजनीतिक मंच के बाद डिप्टी सीएम ने प्रशासनिक मोर्चे पर भी सख़्त तेवर दिखाए। सोमवार को टाउन हॉल में आयोजित भूमि सुधार जन कल्याण संवाद कार्यक्रम में उन्होंने आम लोगों की फरियादें सुनीं, जहां ज़मीन और राजस्व से जुड़े कई मामलों का मौके पर ही निपटारा कराया जा रहा है। इसके बाद समीक्षा भवन में अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित मामलों पर सख़्त कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही।
विजय सिन्हा ने दो टूक कहा कि “आम लोगों की ज़मीन पर नज़र रखने वालों को अब पीछे हटना होगा।” उन्होंने चेतावनी दी कि विभागीय हेल्पलाइन पहले ही जारी की जा चुकी है और आने वाले समय में ज़मीन माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए और सख़्त क़ानून बनाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कमिश्नरी स्तर पर भूमि विवादों के समाधान को लेकर बड़े फैसले जल्द लिए जाएंगे, जिनकी समीक्षा इसी महीने की जाएगी।
धार्मिक आस्था को भी अपने दौरे का हिस्सा बनाते हुए डिप्टी सीएम सोमवार की शाम बूढ़ानाथ मंदिर परिसर में आयोजित भागवत कथा का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान श्रद्धालुओं से संवाद भी होगा, जहां बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, भागलपुर दौरे के जरिए विजय कुमार सिन्हा ने साफ संदेश दे दिया है—ज़मीन पर इंसाफ़, प्रशासन में सख़्ती और सियासत में आक्रामक तेवर ही आने वाले दिनों की नई तस्वीर होगी।














