पटना। बिहार विधान परिषद की 10 सीटों (जिसमें एक उपचुनाव की सीट भी शामिल है) के लिए नामांकन दाखिल करने का आज अंतिम दिन है। इसको लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सुबह 10 बजे के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवार बिहार विधानसभा परिसर पहुंचकर रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार को लेकर है। लंबे इंतजार के बाद पार्टी ने अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। राजद ने पूर्व विधान परिषद सदस्य और पार्टी के वरिष्ठ नेता सुनील सिंह को उम्मीदवार बनाया है।
राजनीतिक गलियारों में सुनील सिंह को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का मुंहबोला भाई माना जाता है। ऐसे में उनकी उम्मीदवारी को लेकर सियासी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। जानकारी के अनुसार, सुनील सिंह आज सुबह 11 बजे अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
विधान परिषद चुनाव का गणित भी काफी दिलचस्प माना जा रहा है। एक उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए करीब 28 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है। ऐसे में राजद के सामने संख्या बल की चुनौती साफ दिखाई दे रही है। पार्टी के पास फिलहाल 25 विधायक हैं, इसलिए उसे कांग्रेस, एआईएमआईएम और अन्य विपक्षी दलों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान विधानसभा समीकरणों को देखते हुए महागठबंधन के खाते में एक सीट आने की संभावना सबसे अधिक है। वहीं, सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन अपने मजबूत संख्या बल के आधार पर अधिकांश सीटों पर बढ़त बनाए हुए दिखाई दे रहा है।
नामांकन के अंतिम दिन विधानसभा परिसर में राजनीतिक गतिविधियां चरम पर रहने की उम्मीद है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विपक्ष अपनी एकजुटता कितनी मजबूती से प्रदर्शित कर पाता है और विधान परिषद चुनाव की इस अहम लड़ाई में कौन-सा राजनीतिक गठबंधन अपनी पकड़ और मजबूत करता है।


















