पटना। बिहार की राजधानी पटना में पिछले 15 दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड ने प्रशासनिक अभियानों की रफ्तार को प्रभावित किया है। इसका सीधा असर अवैध बालू कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर पड़ा है। नतीजतन, गंगा और सोन नदी क्षेत्र में सक्रिय बालू माफिया एक बार फिर हरकत में आ गए हैं और जिले में अवैध बालू का कारोबार दोबारा रफ्तार पकड़ चुका है।
राजधानी की सड़कों पर बालू लादे ट्रैक्टर-ट्रॉलियां फिर से फर्राटा भरती नजर आने लगी हैं। हालांकि, कड़ाके की ठंड के कारण घरेलू निर्माण कार्य लगभग ठप हो गया है, जिससे बालू की मांग फिलहाल कम बनी हुई है। बालू व्यापारियों के मुताबिक, मांग घटने के कारण प्रति ट्रैक्टर-ट्रॉली बालू की कीमत में करीब एक हजार रुपये तक की कमी आई है। इस स्थिति को देखते हुए कई लोग अभी से बालू खरीदकर भंडारण करने लगे हैं।
गौरतलब है कि दिसंबर माह में अवैध बालू माफियाओं द्वारा कुचलने से एक सैप जवान की मौत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ सघन अभियान चलाया गया था। कार्रवाई के दौरान मनेर क्षेत्र से तीन नाव सफेद बालू जब्त की गई थीं, सात लोगों की गिरफ्तारी हुई थी और करीब 34 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया था।
इसके अलावा दीघा में 28 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़कर 32 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जबकि बेउर मोड़ से नौ ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त कर 10.50 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया। बिक्रम के रानी तालाब समेत कई अन्य इलाकों में भी कार्रवाई की गई थी।
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने स्पष्ट कहा था कि अवैध बालू खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बालू माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए ड्रोन, हाईटेक बोट और मजबूत सूचना तंत्र के उपयोग के निर्देश दिए थे। साथ ही संगठित गिरोहों पर अपराध नियंत्रण अधिनियम (सीसीए) के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
वहीं, कड़ाके की ठंड का असर बालू की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। बड़ी निर्माण एजेंसियों को छोड़ दें तो घर निर्माण से जुड़े छोटे कार्य लगभग बंद हो चुके हैं। बड़ी निर्माण कंपनियां सीधे अधिकृत एजेंसियों से बालू की खरीद करती हैं, जिससे अवैध कारोबारियों को फिलहाल ग्राहक कम मिल रहे हैं।
इसी वजह से अवैध बालू कारोबारियों ने दाम घटाकर बिक्री बनाए रखने की कोशिश शुरू कर दी है। वहीं, कई दुकानदार और कारोबारी भविष्य में कीमत बढ़ने की संभावना को देखते हुए बालू का भंडारण कर रहे हैं। प्रशासन अब ऐसे भंडारण स्थलों की भी जानकारी जुटाने में लगा है, ताकि अवैध कारोबार पर पूरी तरह से नकेल कसी जा सके।

















