बिहार में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिसका सीधा असर सड़क यातायात पर पड़ रहा है। इसी कड़ी में राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में बीते 12 घंटे के भीतर दो बड़े सड़क हादसे सामने आए हैं।
शनिवार देर शाम बख्तियारपुर–मोकामा फोरलेन पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं रविवार की सुबह मोकामा में औंटा–सिमरिया छह लेन सड़क पर भीषण सड़क दुर्घटना हो गई, जिसमें चार वाहन आपस में टकरा गए।
घने कोहरे में चार वाहनों की भीषण टक्कर
पूरा मामला मोकामा के औंटा–सिमरिया छह लेन मार्ग का है। रविवार सुबह औंटा गोलंबर और छह लेन सड़क के बीच अचानक एक के बाद एक चार वाहन आपस में टकरा गए। इस हादसे में दो ट्रक, एक यात्री बस और एक स्कॉर्पियो शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे दृश्यता बेहद कम थी और वाहन चालकों को सामने से आ रहे वाहनों का अंदाजा नहीं लग सका।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और पुलिस को सूचना दी गई।
51 यात्रियों की जान बाल-बाल बची
जानकारी के अनुसार, सिल्लीगुड़ी से पटना आ रही बलराम–कृष्णा बस भी इस हादसे की चपेट में आ गई। बस में सवार चालक, उपचालक सहित कुल 51 यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई। हालांकि हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में दहशत फैल गई।
रेस्क्यू एंबुलेंस भी हादसे का शिकार
दुर्घटना के बाद राहत और बचाव कार्य के लिए पहुंची एनएचआई की रेस्क्यू एंबुलेंस भी सड़क हादसे की चपेट में आ गई। एंबुलेंस पर सवार उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी दो स्वास्थ्य कर्मी—गौरव कुमार और राजकुमार—गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दो घंटे तक बाधित रहा यातायात
हादसे के बाद पटना जाने वाली लेन पर करीब दो घंटे तक वाहनों का परिचालन बाधित रहा। सूचना मिलते ही हाथीदह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात को धीरे-धीरे सामान्य कराया। फिलहाल सभी घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घने कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें और तेज रफ्तार से बचें।

















