नालंदा।
नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र के भखरी गांव में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां 32 वर्षीय विवाहिता सीमा देवी उर्फ हिला की ईंट-पत्थर से कूचकर निर्मम हत्या कर दी गई और अपराध छुपाने के लिए शव को बोरे में बंद कर गेहूं के खेत में फेंक दिया गया। पुलिस जांच में इस खौफनाक कत्ल के पीछे संपत्ति हड़पने की साजिश की आशंका जताई जा रही है, जिसमें गोतिया की भूमिका सामने आ रही है।
मृतका की पहचान रूदल राम की पत्नी सीमा देवी के रूप में हुई है। वह अपने पति और चार बच्चों के साथ दिल्ली में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती थी। जानकारी के अनुसार, सीमा देवी प्रधानमंत्री आवास योजना के सत्यापन के सिलसिले में बुधवार को अपने एक बच्चे के साथ गांव लौटी थी। सरकारी योजना से जुड़ा यह काम उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा, किसी ने नहीं सोचा था।
रात में अकेला पाकर किया हमला
परिजनों के मुताबिक, गुरुवार की रात बदमाशों ने सीमा देवी को अकेला पाकर हमला कर दिया। सिर पर ईंट और पत्थर से ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया। इसके बाद शव को बोरे में भरकर सबूत मिटाने की नीयत से खेत में फेंक दिया गया। जब देर रात तक सीमा घर नहीं लौटी, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई और खोजबीन शुरू की गई।
खोजी कुत्ते ने खोला राज, खेत से मिला शव
सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। खोजी कुत्ते की मदद से इलाके में छानबीन शुरू की गई। अंततः खंधा स्थित मुकेश कुमार के गेहूं के खेत से बोरे में बंद शव बरामद किया गया। शव की हालत देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
पिता का आरोप: जमीन के लिए बेटी की हत्या
मृतका के पिता चंद्रिका राम (निवासी—महकार गांव, चंडी थाना क्षेत्र) ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि चचेरा देवर और उसके परिवार ने जमीन-जायदाद हड़पने की नीयत से उनकी बेटी की हत्या की। उन्होंने आरोप लगाया कि गोतिया पहले से ही संपत्ति को लेकर दबाव बना रहे थे और विवाद चल रहा था।
पुलिस बोली—हर एंगल से जांच
डीएसपी संजय जायसवाल ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और संदिग्धों की भूमिका खंगाली जा रही है। तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि लालच और जमीन के झगड़े रिश्तों को कितनी बेरहमी से खूनी बना देते हैं। अब निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं—क्या दोषियों को सख्त सजा मिलेगी या यह मामला भी लंबे इंतजार की भेंट चढ़ जाएगा?













