पटना से पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेताओं के बयान अब सीधे-सीधे एक-दूसरे के दावों को चुनौती दे रहे हैं और चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है।
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि अगर बंगाल में भाजपा जीतती है, तो वह जनसेवा और न्याय की लड़ाई से खुद को अलग कर लेंगे। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में पार्टी की स्थिति कमजोर है और जनता एक बार फिर ममता बनर्जी के नेतृत्व पर भरोसा जताएगी।
वहीं, जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि जमीनी हालात भाजपा के पक्ष में हैं। उन्होंने असम में हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में सरकार की वापसी का भरोसा जताया और पश्चिम बंगाल में भी भाजपा के मजबूत प्रदर्शन की बात कही।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच राजद नेता मनोज झा ने एग्जिट पोल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल पर भरोसा करना जल्दबाजी होगी और असली तस्वीर नतीजों के दिन ही साफ होगी।
कुल मिलाकर, चुनाव से पहले ही सियासी दांव-पेंच अपने चरम पर हैं। हर दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहा है, लेकिन अंतिम फैसला जनता के मत से ही तय होगा।


















