बिहार में इन दिनों मौसम का दिलचस्प रूप देखने को मिल रहा है। सुबह और रात में हल्की ठंड महसूस हो रही है, जबकि दोपहर में तेज धूप लोगों को गर्मी का एहसास करा रही है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 15°C तक गिर रहा है, वहीं अधिकतम तापमान 30°C के पार पहुंच रहा है। करीब 15 डिग्री का यह अंतर स्वास्थ्य के लिए चुनौती बनता जा रहा है।

इन जिलों में सबसे ज्यादा तापमान
सर्वाधिक अधिकतम तापमान कैमूर में 31.6°C दर्ज किया गया, हालांकि पिछले 24 घंटे में यहां 0.2 डिग्री की हल्की गिरावट भी देखी गई।
इसके बाद:
- नालंदा – 30.9°C
- शेखपुरा – 30.1°C
- डेहरी – 30°C
- फारबिसगंज – 30.2°C
करीब 15 जिलों में अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री के बीच रहा, जो संकेत देता है कि दक्षिण-मध्य बिहार में गर्मी धीरे-धीरे दस्तक दे रही है।

प्री-समर ट्रांजिशन का संकेत
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 29 से 32 डिग्री सेल्सियस का तापमान प्री-समर ट्रांजिशन को दर्शाता है। यानी आधिकारिक तौर पर गर्मी की शुरुआत नहीं हुई है, लेकिन मार्च के शुरुआती दिनों से गर्मी का असर स्पष्ट होने लगेगा। यदि हवा शुष्क बनी रही तो एक-दो सप्ताह में कूलर की जरूरत भी पड़ सकती है।
दिन-रात के तापमान में बड़ा अंतर
मधुबनी में अधिकतम तापमान 27.5°C रहा, जो 2.2 डिग्री कम हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान 14°C दर्ज किया गया। पूर्णिया में भी दिन का तापमान 1.1 डिग्री घटा, लेकिन रात में ठंडक बरकरार है।
स्वास्थ्य पर असर
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दिन और रात के तापमान में इस तरह का उतार-चढ़ाव सर्दी-जुकाम, खांसी और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है।
लोगों को सलाह दी गई है कि:
- सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े पहनें
- दिन में सूती और हल्के वस्त्र पहनें
- पर्याप्त पानी पिएं
- धूप में निकलते समय सिर को ढकें
आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे मार्च की शुरुआत के साथ गर्मी का असर और स्पष्ट हो सकता है।

















