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नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री की तैयारी, बिहार की सियासत में नया अध्याय

बिहार की राजनीति में जल्द ही एक नया अध्याय शुरू होने की चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar अब सक्रिय राजनीति की राह पर कदम रखने की तैयारी में हैं। लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन से दूर और लो-प्रोफाइल रहने वाले निशांत का यह फैसला इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि उनकी पूरी जिंदगी अब तक सादगी और शांत स्वभाव के साथ गुजरी है।

पटना में जन्म, बचपन से देखा राजनीतिक माहौल

निशांत कुमार का जन्म 20 जुलाई 1975 को Patna में हुआ था। यह वही समय था जब उनके पिता जेपी आंदोलन की राजनीति में सक्रिय थे।

राजनीतिक उथल-पुथल के उस दौर में पले-बढ़े निशांत ने बचपन से ही अपने पिता को जनसंघर्ष और सार्वजनिक जीवन में व्यस्त देखा।

पटना से मसूरी और फिर बीआईटी मेसरा तक की पढ़ाई

निशांत की शुरुआती पढ़ाई पटना के St. Karen’s School से हुई। इसके बाद वे आगे की पढ़ाई के लिए मसूरी के एक बोर्डिंग स्कूल चले गए, जहां से उन्होंने 12वीं की परीक्षा पास की।

पढ़ाई के मामले में उन्होंने अपने पिता की राह ही चुनी। जैसे नीतीश कुमार इंजीनियर रहे, वैसे ही निशांत ने भी इंजीनियरिंग को अपना क्षेत्र बनाया। उन्होंने Birla Institute of Technology Mesra से स्नातक कर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।

हमेशा रहे लो-प्रोफाइल

इतने बड़े राजनीतिक परिवार से होने के बावजूद निशांत कुमार हमेशा बेहद कम प्रोफाइल में रहे। उन्हें करीब से जानने वाले Bihar Sharif निवासी अनिल सिंह बताते हैं कि पढ़ाई के शुरुआती दिनों में किसी को यह भी पता नहीं था कि वह नीतीश कुमार के बेटे हैं।

न उनमें कोई ठसक थी और न ही कोई दिखावा। वे एक साधारण छात्र की तरह पढ़ाई करते थे और अपनी दुनिया में व्यस्त रहते थे।

एक साल पहले तक सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी

Harnaut निवासी संजयकांत बताते हैं कि करीब एक साल पहले तक निशांत सार्वजनिक कार्यक्रमों में बहुत कम नजर आते थे। हालांकि जिन लोगों से उनकी मुलाकात हुई, वे बताते हैं कि वे सभी से सम्मान के साथ मिलते हैं और लोगों का हालचाल पूछते हैं।

पैतृक गांव में भी सरल स्वभाव

Kalyan Bigha के ग्रामीणों का कहना है कि निशांत कुमार अपने पिता की तरह ही मृदुभाषी और जमीन से जुड़े हुए हैं। गांव के अवधेश कुमार सिंह और रजनीश कुमार (नीतीश कुमार के पैतृक घर के केयरटेकर) बताते हैं कि जब भी निशांत गांव आते हैं तो सभी से मिलते हैं और हालचाल पूछते हैं।

ग्रामीणों का मानना है कि चाहे नीतीश कुमार का राजनीतिक फैसला कुछ भी हो, निशांत कुमार पार्टी और बिहार के विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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