बिहार में मुख्यमंत्री Nitish Kumar द्वारा राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। ऐसे में बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
इसी बीच रविवार, 8 मार्च को एक अहम राजनीतिक मुलाकात होने जा रही है। बिहार के उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के बीच महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और संभावित नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चा हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक दोनों नेता Bagdogra से एक साथ Kolkata के लिए रवाना होंगे। कोलकाता में अमित शाह एक जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें सम्राट चौधरी भी मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम को राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।
दरअसल, नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद से यह माना जा रहा है कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद छोड़कर राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर फैसला लेना होगा।
ऐसे में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे प्रबल दावेदारों में से एक माना जा रहा है। इसी वजह से उनकी और अमित शाह की प्रस्तावित मुलाकात को भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुलाकात से बिहार के आगामी नेतृत्व को लेकर तस्वीर कुछ हद तक साफ हो सकती है।
इधर एक और अहम राजनीतिक घटनाक्रम में यह चर्चा भी तेज है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे Nishant Kumar जल्द ही Janata Dal (United) की सक्रिय राजनीति में कदम रख सकते हैं। माना जा रहा है कि वे पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल होकर संगठनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे।
इन सभी घटनाक्रमों के बीच बिहार की राजनीति में हलचल लगातार बढ़ती जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अमित शाह और सम्राट चौधरी की यह मुलाकात आने वाले दिनों में राज्य की सियासत की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
















