राज्यसभा में कार्यकाल पूरा होने पर बुधवार को बिहार के पांच सांसदों को भावुक माहौल में विदाई दी गई। उच्च सदन राज्यसभा में वर्षों तक सक्रिय भूमिका निभाने वाले अमेंद्र धारी सिंह, प्रेम चंद गुप्ता, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और हरिवंश नारायण सिंह का कार्यकाल समाप्त हुआ। विदाई के दौरान सदन में उनके योगदान की सराहना की गई और कई सदस्यों ने उनके अनुभव और भूमिका को याद किया।
हाल ही में बिहार में हुई राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया के बाद नई तस्वीर भी सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी से नितिन नवीन और शिवेश राम, जनता दल (यूनाइटेड) से नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर, तथा रालोमो से उपेंद्र कुशवाहा का निर्वाचन हुआ है। ऐसे में रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा की फिर से राज्यसभा में वापसी तय हो गई है, जबकि अमेंद्र धारी सिंह, प्रेम चंद गुप्ता और हरिवंश नारायण सिंह अब उच्च सदन का हिस्सा नहीं रहेंगे।
विशेष रूप से हरिवंश नारायण सिंह की विदाई काफी भावुक रही। नरेंद्र मोदी ने उनके 12 वर्षों के कार्यकाल की जमकर सराहना की और राज्यसभा के उपसभापति के रूप में निभाई गई उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। वहीं विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी उनके योगदान को प्रेरणादायक बताया।
सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर से कुल 37 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल इस बार पूरा हो रहा है। महाराष्ट्र से शरद पवार, प्रियंका चतुर्वेदी, भगवत कराड और रामदास अठावले जैसे दिग्गज शामिल हैं। वहीं तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, हरियाणा और तेलंगाना से भी कई सांसद रिटायर हो रहे हैं।
इन सभी नेताओं ने अपने-अपने राज्यों और राष्ट्रीय मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाया। राज्यसभा में इन सदस्यों की विदाई के साथ ही नए सदस्यों के आने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे उच्च सदन की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है।















