राजधानी पटना से एक अहम प्रशासनिक खबर सामने आई है। खान एवं भू-तत्व विभाग ने राजस्व वसूली में पीछे चल रहे जिलों पर सख्ती दिखाते हुए साफ कर दिया है कि वार्षिक लक्ष्य पूरा नहीं करने पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हाल ही में विभागीय निदेशक की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ कि राज्य के 10 जिले अपने राजस्व लक्ष्य से काफी पीछे चल रहे हैं। इनमें मुंगेर, जमुई, जहानाबाद, पटना, लखीसराय, औरंगाबाद, गया, नालंदा, रोहतास और कैमूर शामिल हैं।
विभाग ने इन सभी जिलों को कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि वे सात दिनों के भीतर राजस्व वसूली में बचे अंतर को हर हाल में पूरा करें। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर वसूली तेज करने को कहा गया है।
आंकड़ों के अनुसार, भोजपुर जिले का लक्ष्य 838.39 करोड़ रुपये था, जिसके मुकाबले 600.64 करोड़ रुपये की ही वसूली हो सकी। वहीं पटना जिले में 639.41 करोड़ रुपये के लक्ष्य के खिलाफ सिर्फ 298.07 करोड़ रुपये ही वसूले गए, जिससे बड़ा अंतर सामने आया है।
अन्य जिलों की स्थिति भी चिंताजनक है। औरंगाबाद में 512.91 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 246.02 करोड़ रुपये ही वसूले गए। रोहतास और गया जैसे जिलों में भी लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं हो सकी है।
वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं, ऐसे में विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी हाल में लक्ष्य और वसूली के बीच का अंतर कम करना होगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का फोकस अब हर हाल में राजस्व लक्ष्य हासिल करने पर है, जिससे राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत किया जा सके।
पटना से राहुल कुमार की रिपोर्ट















