बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल अपने चरम पर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। इसी बीच उनकी सुरक्षा को Z+ श्रेणी में अपग्रेड किए जाने से सियासी विवाद और गहरा गया है।
विपक्षी दलों ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे एक साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि मुख्यमंत्री तक किसी की सीधी पहुंच न हो और उन्हें वास्तविक स्थिति की जानकारी न मिल सके। इस मुद्दे पर राजद एमएलसी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के भाई सुनील सिंह ने भी बड़ा बयान दिया है।
News4Nation के संवाददाता से बातचीत के दौरान सुनील सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार के हटने की पूरी पटकथा पहले से तैयार है। उन्होंने दावा किया कि उनके नेता तेजस्वी यादव पहले ही इस बात की आशंका जता चुके हैं। सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि Z+ सुरक्षा देने का मकसद यह है कि कोई भी व्यक्ति मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें सच्चाई न बता सके।
उन्होंने नीतीश कुमार के करीबी मंत्री के भावुक होने को भी “ढकोसला” बताया। उन्होंने कहा कि मंत्री केवल दिखावा करते हैं और उन्हें भ्रष्टाचार से बचने की सीख लेनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ये नेता कहीं भी जा सकते हैं और इनके “मानस पिता” बदलते रहते हैं।
इसके अलावा सुनील सिंह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नालंदा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताते हुए जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि पहले प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री की उपस्थिति सामान्य बात थी, लेकिन इस बार उन्हें क्यों रोका गया, यह स्पष्ट होना चाहिए।
वहीं, तेजस्वी यादव द्वारा बिहार को गरीब राज्य बताए जाने पर उठे विवाद को लेकर भी सुनील सिंह ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह बात नीति आयोग की रिपोर्ट पर आधारित है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
सुनील सिंह ने सत्ताधारी दल पर भ्रष्टाचार और फंडिंग को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ नेता सादगी का दिखावा करते हैं, जबकि उनके पास करोड़ों की संपत्ति है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि दवा कंपनियों और अन्य स्रोतों से चंदा लेकर गलत तरीके से कमाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जदयू सदस्यता अभियान के नाम पर करोड़ों रुपये की वसूली करती है।
उन्होंने अपने आरोपों को दोहराते हुए कहा कि जदयू देश की सबसे भ्रष्ट पार्टी है और उनके पास इन आरोपों के सबूत भी हैं।
कुल मिलाकर, नीतीश कुमार की सुरक्षा बढ़ाए जाने के फैसले ने बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।















