भागलपुर से सामने आई यह खबर सिर्फ एक परिवार की परेशानी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की संवेदनशीलता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। जहां एक ओर घर में शहनाई बजने की तैयारी होनी चाहिए, वहीं दूसरी ओर एक मां अपनी बेटी की शादी से पहले गैस सिलिंडर के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।
भागलपुर के अम्बई मारुफचक की रहने वाली सुनिता देवी अपनी बेटी की शादी की तैयारियों में जुटी हैं। 17 अप्रैल 2026 को शादी तय है। घर में खुशी का माहौल होना चाहिए था, लेकिन गैस सिलिंडर की कमी ने सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया है।
सुनिता देवी के अनुसार, उनके पास घरेलू गैस कनेक्शन तो है, लेकिन शादी जैसे बड़े आयोजन के लिए यह पर्याप्त नहीं है। मेहमानों के लिए भोजन बनाने के लिए कम से कम चार कमर्शियल गैस सिलिंडर की जरूरत है, लेकिन गैस एजेंसी ने उपलब्धता नहीं होने की बात कहकर मदद से इनकार कर दिया।
एक मां की बेबसी उसके शब्दों में साफ झलकती है। वह कहती हैं कि शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, निमंत्रण बांटे जा चुके हैं, घर सज चुका है—लेकिन अगर खाना नहीं बन पाया, तो समाज में उनकी इज्जत पर सवाल उठ जाएगा। यह चिंता अब उनके चेहरे और आंखों में साफ दिखाई दे रही है।
इस गंभीर समस्या को लेकर सुनिता देवी ने जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने जिला पदाधिकारी और जिला आपूर्ति विभाग को आवेदन देकर शादी के लिए गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।
जिला आपूर्ति पदाधिकारी Sudhir Kumar ने बताया कि महिला के आवेदन को अग्रसारित किया जाएगा और वरीय अधिकारियों के निर्देश के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अब पूरा परिवार उम्मीद और इंतजार के बीच खड़ा है। सवाल यही है कि क्या प्रशासन समय रहते मदद करेगा, या एक मां को अपनी बेटी की जिंदगी के सबसे बड़े दिन पर भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा?
यह मामला सिर्फ एक घर का नहीं, बल्कि सिस्टम की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भी परीक्षा बन गया है।














