पटना में प्रॉपर्टी टैक्स का नया सिस्टम अब लागू हो चुका है। पटना नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए प्रॉपर्टी टैक्स का सेल्फ असेसमेंट शुरू कर दिया है। इसके तहत अब मकान, फ्लैट या जमीन के मालिकों को खुद अपनी संपत्ति का पूरा विवरण देना होगा। नियमों का पालन न करने वालों पर सीधे जुर्माना लगाया जाएगा।
नगर निगम ने साफ कहा है कि जो भी नई संपत्ति खरीदी गई है, उसका 30 दिनों के भीतर सेल्फ असेसमेंट कराना अनिवार्य है। समय पर असेसमेंट नहीं कराने पर आवासीय संपत्तियों पर ₹2,000 और गैर-आवासीय संपत्तियों पर ₹5,000 का जुर्माना लगेगा। यानी, देरी का मतलब सीधा पेनाल्टी।
अगर किसी ने घर को दुकान के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है या दुकान को घर बताकर टैक्स से बचने की कोशिश की है, तो ऐसे मामलों में निगम और सख्त है। गलत जानकारी पाए जाने पर 100 प्रतिशत पेनाल्टी यानी डबल टैक्स वसूला जाएगा। इसके अलावा, अगर संपत्ति में नया निर्माण हुआ है, तो दोबारा असेसमेंट करवाना जरूरी होगा।
पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल मोड में है। मालिकों को ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर संपत्ति का विवरण, लोकेशन, एरिया, सड़क की श्रेणी जैसी जानकारियां भरनी होंगी। साथ ही आधार कार्ड, वोटर आईडी, सेल डीड, बिजली बिल और जियो-टैग्ड फोटो भी अपलोड करनी होगी। फॉर्म सबमिट होते ही एक SAS नंबर जारी होगा, जिससे टैक्स भुगतान किया जा सकेगा।
इसके बाद राजस्व अधिकारी फील्ड वेरिफिकेशन करेंगे और सभी दस्तावेज़ सही पाए जाने पर PID नंबर जारी किया जाएगा। निगम अब बिजली कनेक्शन के आधार पर शहर की करीब 3.06 लाख संपत्तियों का सर्वे शुरू करने जा रहा है। इससे पहले गलत जानकारी देकर टैक्स बचाने वालों की फाइलें भी खुल सकती हैं।
हालांकि, निगम ने लोगों को राहत भी दी है। जो लोग 30 जून से पहले एकमुश्त टैक्स जमा करेंगे, उन्हें 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इसे निगम का “क्लीन एग्जिट ऑफर” माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, पटना में प्रॉपर्टी टैक्स की नई व्यवस्था पारदर्शिता के साथ सख्ती की मिसाल बनती दिख रही है। अब गलती की गुंजाइश कम और जिम्मेदारी ज्यादा होगी।














