पटना: बिहार की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। करीब दो दशकों तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार आज अपने पद से इस्तीफा देने वाले हैं, जिसके बाद राज्य में नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया जाएगा। सुबह से ही राजधानी पटना में सियासी गतिविधियां तेज हैं।
इसी बीच बड़ी खबर सामने आई है कि जदयू विधायक दल की प्रस्तावित बैठक को रद्द कर दिया गया है। इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है और कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यालय में भी हलचल तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, भाजपा कार्यालय में पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि अंदर अहम बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं का दौर जारी है।
सूत्रों के मुताबिक, थोड़ी ही देर में केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कार्यालय पहुंचने वाले हैं। उनके पहुंचने के बाद विधायक दल की बैठक और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन घटनाक्रमों को नए मुख्यमंत्री के चयन से सीधे तौर पर जोड़कर देखा जा रहा है। जदयू की बैठक रद्द होना और भाजपा कार्यालय में मीडिया एंट्री पर रोक लगना इस बात का संकेत है कि पर्दे के पीछे तेजी से समीकरण तय किए जा रहे हैं।
फिलहाल, पूरे बिहार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद राज्य की सत्ता की कमान किसके हाथों में जाएगी। आने वाले कुछ घंटे बिहार की राजनीति की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकते हैं।















