बिहार में नई सरकार के गठन के बाद Samrat Choudhary एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। सीएम ने पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar के ‘जनता दरबार’ मॉडल को फिर से लागू करते हुए शुक्रवार से ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम की दोबारा शुरुआत कर दी है।
5 देशरत्न मार्ग पर लगा जनता दरबार
पटना स्थित 5 देशरत्न मार्ग पर आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री खुद लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश दे रहे हैं।
सीधे CM तक पहुंच, त्वरित समाधान का दावा
सरकार का कहना है कि:
- आम लोगों को अब भटकना नहीं पड़ेगा
- सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रख सकेंगे
- शिकायतों का तुरंत निपटारा होगा
- प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित होगी
कार्यक्रम में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद हैं, ताकि मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया जा सके।
2006 में शुरू हुआ था ‘जनता दरबार’
‘जनता दरबार’ की शुरुआत वर्ष 2006 में Nitish Kumar ने की थी, जो लंबे समय तक बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था का अहम हिस्सा रहा। हालांकि पिछले कुछ महीनों से यह कार्यक्रम लगभग बंद था, जिसे अब नई सरकार ने फिर से शुरू किया है।
पहले की गई तैयारी और समीक्षा
कार्यक्रम शुरू करने से पहले सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही उस स्थल का निरीक्षण भी किया, जहां पहले यह कार्यक्रम आयोजित होता था।
सरकार का दावा है कि इस पहल से शासन-प्रशासन अधिक जवाबदेह बनेगा और लोगों की समस्याओं का समाधान तेजी से होगा। दूर-दराज से आए लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे उनकी परेशानियां कम होंगी।














