नई दिल्ली/पटना: देश की सियासत में शिक्षा एक बार फिर अहम मुद्दा बनती नजर आ रही है। केंद्र सरकार ने बिहार, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में चार नए केंद्रीय विद्यालय खोलने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद जहां सरकार इसे शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे सियासी रणनीति करार दे रहा है।
केंद्र सरकार के तहत संचालित Kendriya Vidyalaya Sangathan (KVS) ने पुष्टि की है कि ये सभी नए केंद्रीय विद्यालय इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू हो जाएंगे। सरकार के अनुसार, यह निर्णय दिसंबर 2024 और अक्टूबर 2025 में जारी निर्देशों के बाद लिया गया, जिसमें जमीन उपलब्धता और अस्थायी ढांचे की व्यवस्था को अनिवार्य शर्त बनाया गया था।
किन-किन जगहों पर खुलेंगे स्कूल
- बिहार: Darbhanga (AIIMS परिसर)
- उत्तर प्रदेश: Shamli
- जम्मू-कश्मीर
- उत्तराखंड
कौन-कौन सी कक्षाएं होंगी शुरू
बिहार के दरभंगा और उत्तर प्रदेश के शामली में बालवाटिका से लेकर कक्षा 5 तक पढ़ाई शुरू होगी।
वहीं जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में फिलहाल कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई शुरू की जाएगी।
जब तक स्थायी भवन तैयार नहीं हो जाते, तब तक ये विद्यालय सरकारी स्कूल परिसरों या अस्थायी भवनों में संचालित किए जाएंगे।
30 दिनों में पूरा होगा एडमिशन प्रोसेस
KVS के अनुसार, सभी आवश्यक संसाधन—जमीन और अस्थायी ढांचा—उपलब्ध करा दिए गए हैं, जिससे बिना देरी के स्कूल शुरू किए जा सकें। दाखिला प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को लाभ मिल सके।
एडमिशन प्रक्रिया शुरू
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
- कक्षा 1 की पहली प्रोविजनल लिस्ट जारी
- अन्य सूचियां सीटों की उपलब्धता के अनुसार जारी होंगी
सियासत भी गरम
जहां केंद्र सरकार इस पहल को शैक्षिक समानता और पहुंच बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे आगामी चुनावों से जोड़कर देख रहा है।
दरभंगा समेत चार राज्यों में नए केंद्रीय विद्यालयों की शुरुआत से शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी। खासकर उन इलाकों में, जहां लंबे समय से बेहतर शैक्षणिक संस्थानों की जरूरत महसूस की जा रही थी। अब नजर इस बात पर है कि ये स्कूल जमीन पर कितनी जल्दी और प्रभावी तरीके से काम शुरू कर पाते हैं।















