बिहार के सासाराम से उठी एक सियासी आवाज ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। उपेंद्र कुशवाहा, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख और राज्यसभा सांसद, ने तीखा बयान देते हुए दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में अब सत्ता परिवर्तन तय है और मौजूदा सरकार का अंत निकट है।
“जनता में उकताहट, कानून-व्यवस्था पर सवाल”
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बंगाल की बहुसंख्यक जनता अब मौजूदा शासन से उकताहट महसूस कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में छोटी-छोटी टोलियों के जरिए आम लोगों को परेशान किया जा रहा है, जिससे भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
कुशवाहा ने इसे कानून-व्यवस्था का गंभीर संकट बताते हुए कहा कि आम नागरिक खुद को सुरक्षित नहीं समझ रहा।
“एनडीए बनेगा विकल्प”
कुशवाहा के अनुसार, बंगाल की जनता अब एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प की तलाश में है, और यह विकल्प राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के लगातार बंगाल दौरे और जनता से सीधे संवाद ने सियासी माहौल को बदल दिया है।
“मोदी जी का आम लोगों से सीधा जुड़ाव ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है,” उन्होंने जोर देकर कहा।
ममता सरकार पर सीधा हमला
ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कुशवाहा ने राज्य के पिछड़ेपन के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि राज्य का पिछड़ा वर्ग अब बदलाव चाहता है और आगामी चुनाव में इसका असर साफ दिखाई देगा।
बड़े संकेत, बढ़ती सियासी गर्मी
राजनीतिक गलियारों में कुशवाहा के इस बयान को बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। जिस अंदाज़ में उन्होंने “ममता युग के अंत” की बात कही, उससे साफ है कि एनडीए बंगाल में पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।
अब सबकी नजर इस पर है कि क्या बंगाल की जनता वाकई बदलाव का फैसला करेगी या फिर ममता बनर्जी अपनी सियासी पकड़ बरकरार रखेंगी।
(रिपोर्ट: सासाराम/पटना ब्यूरो)














