मुंगेर की धरती पर 26 अप्रैल एक अहम तारीख बनने जा रही है। सम्राट चौधरी अपने गृह जिला मुंगेर के असरगंज स्थित ढोल पहाड़ी पहुंचने वाले हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला दौरा है, जिसे लेकर इलाके में उत्साह और उम्मीद का माहौल बना हुआ है।
यह दौरा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक बड़े वादे को जमीन पर उतारने की शुरुआत माना जा रहा है। उपमुख्यमंत्री रहते हुए जिस इको-टूरिज्म हब की घोषणा की गई थी, अब उसी परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री के हाथों होने जा रहा है।
करीब 12.49 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली इस योजना के तहत ढोल पहाड़ी को पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पिकनिक स्पॉट, भव्य शिव प्रतिमा, क्राफ्ट शॉप्स और आधुनिक बैंक्वेट हॉल जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
गांव-गांव में मुख्यमंत्री के स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं। कहीं स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं, तो कहीं पारंपरिक तरीके से अभिनंदन की तैयारी हो रही है। स्थानीय लोग इस परियोजना को अपने इलाके के विकास की नई शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं।
वहीं प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है, ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
यह पहल न केवल मुंगेर बल्कि पूरे बिहार के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। अब सबकी नजरें 26 अप्रैल पर टिकी हैं, जब ढोल पहाड़ी से विकास की नई कहानी लिखी जाएगी।














