नई दिल्ली। भारतीय फोटो पत्रकारिता के सबसे प्रतिष्ठित नामों में शुमार रघु राय का रविवार को निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे। उनके जाने से कला, मीडिया और पत्रकारिता जगत में गहरा शोक व्याप्त है।
लंबी बीमारी के बाद निधन
परिवार के अनुसार, रघु राय पिछले कुछ समय से कैंसर से जूझ रहे थे। शुरुआती इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ था, लेकिन बाद में बीमारी ने फिर गंभीर रूप ले लिया और शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल गई। हाल के दिनों में उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही थी।
फोटो पत्रकारिता में खास पहचान
रघु राय का जन्म 18 दिसंबर 1942 को झंग (अब पाकिस्तान) में हुआ था। उन्होंने 1960 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की और जल्द ही अपनी अलग पहचान बना ली। दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबार द स्टेट्समैन में स्टाफ फोटोग्राफर के रूप में काम करते हुए उन्होंने कई ऐतिहासिक और मानवीय पहलुओं को कैमरे में कैद किया।
फ्रीलांसिंग में भी बनाया मुकाम
साल 1976 में उन्होंने नौकरी छोड़कर स्वतंत्र फोटोग्राफर के रूप में काम करना शुरू किया। इसके बाद उनके काम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली और उन्होंने भारतीय समाज, राजनीति और संस्कृति के कई अहम पहलुओं को अपनी तस्वीरों के जरिए दुनिया के सामने रखा।
दुनियाभर में मिली पहचान
रघु राय को उनकी अनूठी दृष्टि और संवेदनशील फोटोग्राफी के लिए जाना जाता था। उनकी तस्वीरें सिर्फ दृश्य नहीं, बल्कि कहानियां बयान करती थीं—जो उन्हें विश्वस्तरीय फोटोग्राफरों की श्रेणी में खड़ा करती हैं।
एक युग का अंत
रघु राय का निधन भारतीय फोटो पत्रकारिता के एक स्वर्णिम अध्याय के समापन जैसा है। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को लंबे समय तक प्रेरित करती रहेगी।

















