बिहार में नई सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कैबिनेट विस्तार के तुरंत बाद आईएएस अधिकारियों के व्यापक तबादले को मंजूरी दे सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक, यह फेरबदल जिला स्तर से लेकर विभागीय मुख्यालय तक देखने को मिलेगा। सामान्य प्रशासन विभाग अधिकारियों के वर्तमान पदस्थापन और कार्यप्रदर्शन का विस्तृत आकलन कर रहा है, ताकि बेहतर प्रदर्शन करने वालों को अहम जिम्मेदारी दी जा सके और कमजोर प्रदर्शन वाले अधिकारियों को बदला जा सके।
सरकार की प्राथमिकता प्रशासन को ज्यादा जवाबदेह और जनसंवेदनशील बनाना है। इसी के तहत थाना, प्रखंड और अंचल स्तर तक की गतिविधियों की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय से करने की रणनीति बनाई गई है। ऐसे में जिलों में सक्षम और सक्रिय अधिकारियों की तैनाती पर जोर दिया जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि कई जिलों में नए जिलाधिकारियों की नियुक्ति संभव है। दरअसल, कुछ जिलों में अधिकारी लंबे समय से पदस्थ हैं, जिससे अब बदलाव की संभावना बढ़ गई है। पूर्वी चंपारण में डीएम 2023 से पद पर हैं, जबकि भागलपुर, भोजपुर, जहानाबाद, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, नवादा, रोहतास, समस्तीपुर और सीतामढ़ी जैसे जिलों में डीएम 2024 से ही तैनात हैं।
इधर, राज्य को मई-जून के दौरान 16 नए आईएएस अधिकारी मिलने वाले हैं, जो बिहार प्रशासनिक सेवा से प्रोन्नत होकर आईएएस में शामिल होंगे। वर्तमान में राज्य में आईएएस के 359 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से करीब 310 अधिकारी कार्यरत हैं। इनमें से लगभग 30 अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, जबकि करीब 280 अधिकारी राज्य में विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं।
हाल ही में लखीसराय में भी प्रशासनिक बदलाव हुआ है, जहां नए जिलाधिकारी के रूप में मोहम्मद सोहैल ने पदभार संभाला है।
माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार के तुरंत बाद तबादलों की सूची जारी हो सकती है, जिससे बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यह फेरबदल न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली को प्रभावित करेगा, बल्कि सरकार की प्राथमिकताओं और कार्यशैली की दिशा भी तय करेगा।














