बेगूसराय, 27 अप्रैल 2026: बढ़ती गर्मी और संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए समाहरणालय, बेगूसराय में जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन को लेकर अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर आयुक्त सोमेश बहादुर माथुर, सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार सहित जिले के सभी वरीय पदाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान डीएम ने जिले के सभी अस्पतालों में पेयजल व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। सिविल सर्जन ने बताया कि अस्पतालों में पानी की व्यवस्था तो है, लेकिन कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ठंडे पानी के लिए कूलर की कमी है। इस पर डीएम ने नगर निकायों को तत्काल कूलर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं बखरी में वाटर एटीएम के माध्यम से ठंडे पानी की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए डीएम ने ORS, रेबीज इंजेक्शन और एंटी-वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष मेडिकल टीम गठित करने के निर्देश भी दिए गए।
शिक्षा विभाग और ICDS को निर्देशित किया गया कि सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में स्वच्छ पेयजल और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पशुपालन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि मोबाइल वेटरनरी वैन के जरिए पशुओं का इलाज उनके स्थान पर ही किया जा रहा है।
PHED विभाग ने जानकारी दी कि जिले में 525 चापाकलों की मरम्मत पूरी हो चुकी है, जबकि बाकी खराब चापाकलों को महीने के अंत तक ठीक कर लिया जाएगा।
बाढ़ की तैयारियों पर विशेष जोर देते हुए डीएम ने बताया कि जिले में पंचायत स्तर पर 217 वर्षामापक यंत्र स्थापित हैं और 18 प्रखंडों में ये सक्रिय हैं। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों और बीडीओ को निर्देश दिया कि प्रखंड स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष संचालित करें और कम्युनिकेशन प्लान तैयार कर जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराएं। फिलहाल जिला स्तर पर 24×7 नियंत्रण कक्ष संचालित है।
इसके अलावा, 31 सरकारी और 258 निजी नावों की मरम्मत जल्द पूरी करने, पॉलीथिन शीट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मांग भेजने के निर्देश दिए गए। गोताखोरों को प्रशिक्षण देने और राहत-बचाव दल के गठन की भी तैयारी की जा रही है।
बैठक के अंत में डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
अजय शास्त्री की रिपोर्ट

















