किशनगंज के एक पूर्व थानाध्यक्ष से जुड़े आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच तेज हो गई है। बुधवार को संबंधित अधिकारी आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के दफ्तर में पेश हुए, जहां उनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई।
जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान उनकी सेवा अवधि के दौरान अर्जित संपत्तियों और आय के स्रोतों पर विस्तृत सवाल किए गए। आरोप है कि सेवा में आने के बाद से उन्होंने अपनी घोषित आय से कहीं अधिक संपत्ति जुटाई।
प्रारंभिक जांच और छापेमारी में विभिन्न स्थानों पर संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। इनमें बिहार के अलग-अलग जिलों के अलावा अन्य राज्यों में भी निवेश की बात कही जा रही है। इन संपत्तियों के स्रोत और लेन-देन की जांच की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए कई बिंदुओं पर सवाल तैयार किए थे, जिनमें जमीन, फ्लैट, बैंक लेन-देन और अन्य निवेश शामिल हैं। मामले में कुछ अन्य अधिकारियों से जुड़े संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है।
इससे पहले अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद यह मामला सामने आया। फिलहाल संबंधित अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय कार्रवाई जारी है।
जांच एजेंसी का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।














