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बिहार एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: अपराधियों पर लगातार शिकंजा, 2026 में तेज हुआ एनकाउंटर और गिरफ्तारी अभियान

बिहार में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ अब राज्य पुलिस और एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है। हथियार के दम पर दहशत फैलाने वाले अपराधियों के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई ने पूरे अपराध नेटवर्क को हिला कर रख दिया है।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के शुरुआती चार महीनों में राज्य में कुल 12 मुठभेड़ की घटनाएं दर्ज की गईं। इन एनकाउंटर में 4 कुख्यात अपराधी मारे गए, जबकि 9 अपराधियों को पुलिस ने पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया। औसतन हर महीने तीन एनकाउंटर ने यह साफ संकेत दिया है कि अब पुलिस पूरी तरह “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है।

इसी क्रम में 29 अप्रैल को सुल्तानगंज नगर परिषद क्षेत्र में हुए गोलीकांड में फरार चल रहे कुख्यात रामधनी यादव को मुठभेड़ में मार गिराया गया। बताया जाता है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दिनदहाड़े नगर परिषद कार्यालय में घुसकर एक अधिकारी की हत्या कर दी थी, जबकि इस हमले में सभापति गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

इसी तरह सीवान में पूर्व एमएलसी के परिजन की हत्या मामले में वांछित अपराधी छोटू कुमार यादव को भी पुलिस मुठभेड़ में दबोचा गया, जिसमें उसके दोनों पैरों में गोली लगी। वहीं 17 मार्च को मोतिहारी के चकिया क्षेत्र में हुए एनकाउंटर में कुख्यात कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे मारे गए। इस कार्रवाई के दौरान एसटीएफ के एक जवान भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्होंने बाद में दम तोड़ दिया।

इससे पहले 6 फरवरी को वैशाली जिले के हाजीपुर में एसटीएफ ने दो लाख के इनामी और 30 से अधिक मामलों में वांछित अपराधी प्रिंस उर्फ अभिजीत को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था।

एसटीएफ की कार्रवाई केवल मुठभेड़ों तक सीमित नहीं रही है। पिछले चार महीनों में 38 इनामी अपराधियों समेत कुल 730 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें कई नक्सली और संगठित अपराध से जुड़े बड़े नाम भी शामिल हैं।

इसके अलावा बिहार से बाहर छिपे 21 अपराधियों और अन्य राज्यों से 17 वांछित अपराधियों को भी गिरफ्तार कर राज्य लाया गया है। इनमें राजीव कुमार उर्फ सूर्या डॉन, प्रह्लाद कुमार और नीतीश कुमार जैसे कई कुख्यात नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

लगातार हो रही इस सख्त कार्रवाई से साफ है कि बिहार पुलिस और एसटीएफ अब अपराधियों के खिलाफ पूरी तरह आक्रामक मोड में हैं। संदेश स्पष्ट है कि राज्य में अपराध कर बच निकलना अब पहले जितना आसान नहीं रहा।

राहुल कुमार की रिपोर्ट

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