बिहार में मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदला कि गर्मी से मिली राहत कुछ ही घंटों में तबाही में बदल गई। प्री-मानसून बारिश के साथ आई तेज आंधी और तूफान ने राज्य के कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। अब तक अलग-अलग घटनाओं में 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग घायल हैं। हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं और मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है।
बुधवार शाम आई तेज आंधी ने खासतौर पर उत्तर और पूर्वी बिहार को प्रभावित किया। Muzaffarpur, Samastipur, Bettiah और Darbhanga समेत कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इन इलाकों में पेड़ गिरने, दीवार ढहने और टीन शेड उड़ने जैसी घटनाओं में कई लोगों की मौत हुई।
Saran district में एक महिला की मौत उस समय हो गई जब तेज हवा में उड़ता टीन शेड उस पर गिर पड़ा। मशरक इलाके में दीवार गिरने से दो महिलाओं की जान चली गई। वहीं छपरा में डायल 112 की गाड़ी को एक ट्रक ने टक्कर मार दी, जिसमें चार पुलिसकर्मी घायल हो गए।
Supaul में तूफान की रफ्तार करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। यहां एक बुजुर्ग की मौत पेड़ गिरने से हुई। Buxar में भी ऐसी ही घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि Aurangabad, Bihar में वज्रपात ने एक और जिंदगी छीन ली।
राजधानी Patna में बारिश भले कम हुई, लेकिन 80-90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने लोगों को दहला दिया। इस बदलाव का असर तापमान पर भी दिखा—अधिकतम तापमान में करीब 5 से 6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यह लगभग 30 डिग्री के आसपास पहुंच गया।
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग नजर आया। Bhabua में सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई, जहां तापमान 41 डिग्री से ऊपर पहुंचा, जबकि Madhubani में तापमान काफी नीचे चला गया। बारिश के लिहाज से Rajgir और सुपौल जैसे इलाकों में अच्छी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग का कहना है कि यह बदलाव अभी कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें और मौसम से जुड़ी अपडेट पर नजर रखें।
कुल मिलाकर, यह मौसम बदलाव जहां एक तरफ गर्मी से राहत लेकर आया, वहीं दूसरी तरफ कई परिवारों के लिए दुख और नुकसान की वजह बन गया।
















